लखनऊ, 17 फरवरी 2026:
यूपी में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर को तकनीक से जोड़ने की मुहिम ने अब रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश सरकार की बहुस्तरीय पहल से प्रदेश की 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी उन्नयन के जरिए अधिक प्रतिस्पर्धी और बाजारोन्मुख बन रही हैं। नीतिगत सरलता और वित्तीय सहयोग के साथ डिजिटल अवसंरचना का मजबूत ढांचा प्रदेश को एक उभरते औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
वर्ष 2026-27 के बजट में MSME सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। ये पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़े हुए निवेश का सीधा असर उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता सुधार और रोजगार सृजन पर दिख रहा है। सरकार का फोकस केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है बल्कि तकनीक आधारित रूपांतरण पर है जिससे स्थानीय उद्यम राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में टिक सकें।
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत मार्केटिंग डेवलपमेंट, टूलकिट वितरण और प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इससे एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के कारीगरों को तकनीक आधारित कौशल प्रशिक्षण मिल रहा है। पारंपरिक उत्पादों को ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग से जोड़कर स्थानीय वस्तुओं की पहुंच देश-विदेश के बाजारों तक बढ़ाई गई है।
एमएसएमई चैम्पियनशिप इनिशिएटिव (चैंपियंस पोर्टल) के माध्यम से चयनित इकाइयों को आधुनिक मशीनरी अपनाने, गुणवत्ता सुधार और डिजिटल टूल्स के उपयोग के लिए तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वहीं, 24 जनवरी 2021 को लॉन्च किए गए उद्यम सारथी ऐप ने डिजिटल रजिस्ट्रेशन से लेकर योजनाओं की जानकारी और संचालन मार्गदर्शन को एक ही मंच पर सुलभ बना दिया है।
प्रदेश में लागू आरएएमपी योजना के तहत वित्तीय और तकनीकी समर्थन से इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण को बल मिला है। 2022 से लागू MSME नीति में ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल के जरिए 72 घंटे में संचालन शुरू करने की सुविधा, बेहतर क्रेडिट प्रवाह और पांच लाख रुपये तक बीमा कवरेज जैसी व्यवस्थाओं ने निवेश माहौल को और मजबूत किया है।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का सबसे बड़ा असर रोजगार पर दिख रहा है। ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सप्लाई चेन से जुड़ने के कारण ग्रामीण और अर्धशहरी इकाइयों को नए बाजार मिले हैं। तकनीक के सहारे यूपी का MSME सेक्टर अब केवल स्थानीय जरूरतों तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक अवसरों की ओर कदम बढ़ा रहा है।






