लखनऊ, 19 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ जल्द ही अत्याधुनिक कैंसर उपचार का बड़ा केंद्र बनेगा है। सुल्तानपुर रोड स्थित चक गंजरिया में बने कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में अब प्रोटॉन बीम थेरेपी शुरू करने की तैयारी है। यह तकनीक कैंसर के ट्यूमर पर बेहद सटीक तरीके से वार करती है। इससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचता है। खासतौर पर बच्चों और दिमाग, आंख, रीढ़ जैसे संवेदनशील अंगों के पास मौजूद ट्यूमर के इलाज में यह थेरेपी बेहद कारगर मानी जाती है।
इस हाई-टेक सुविधा की कुल लागत बंकर समेत करीब 750 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल देश में यह सुविधा सिर्फ टाटा मेमोरियल अस्पताल (मुंबई) और चेन्नई के प्राइवेट अस्पताल में उपलब्ध है। लखनऊ में इसके शुरू होने से उत्तर प्रदेश ही नहीं आसपास के राज्यों के मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें इलाज के लिए मुंबई या चेन्नई का रुख नहीं करना पड़ेगा।
यह अहम फैसला लखनऊ में हुई संस्थान की 12वीं शासी निकाय की बैठक में लिया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने की। बैठक में संस्थान के विस्तार और शैक्षणिक उन्नयन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
संस्थान में क्वाटरनरी कैंसर केयर सेंटर की स्थापना को भी हरी झंडी दे दी गई है। इसके तहत जटिल और उन्नत कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उच्चस्तरीय टीम और बहुविषयक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इसके अलावा ऑन्को-पैथोलॉजी में पोस्ट-डॉक्टरल सर्टिफिकेट कोर्स, गायनकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में एमसीएच पाठ्यक्रम शुरू करने पर सहमति बनी है। पीएचडी के नए अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी गई है।
रेडियोडायग्नोसिस विभाग में टेली-रेडियोलॉजी सेवाएं शुरू होंगी, जिससे एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे और डिजिटल मैमोग्राफी जैसी जांचें दूरस्थ विशेषज्ञों की मदद से भी संभव होंगी। साथ ही एडवांस्ड कैंसर रिसर्च सेंटर और एडवांस्ड मॉलिक्यूलर लैब की स्थापना से शोध और सटीक डायग्नोसिस को नई गति मिलेगी। कुल मिलाकर, लखनऊ अब कैंसर इलाज और रिसर्च के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक मजबूत पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।






