पंकज
काकोरी (लखनऊ), 20 फरवरी 2026:
राजधानी स्थित दुबग्गा थाना क्षेत्र में स्कूटी जलाने के शक में दबंग युवकों ने मंदिर के बुजुर्ग सेवादार की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि पहले उन्हें पीटा गया, फिर गला कसकर मार डाला और शव को पास ही करीब पंद्रह फीट गहरी खंती में फेंककर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
उन्नाव जिले के हसनगंज क्षेत्र के नेवतनी गांव निवासी कल्लू प्रजापति उर्फ बाबा (60) पिछले करीब 25 वर्षों से बरावन कला के पीर नगर गांव के पास आश्रयहीन कॉलोनी में बने एक मंदिर में रहकर सेवा करते थे। वह मंदिर परिसर में तिरपाल डालकर रहते थे और पूजा-पाठ की जिम्मेदारी संभालते थे। बताया गया कि 16 जनवरी की रात कॉलोनी निवासी अंकित तिवारी की स्कूटी जल गई थी। इस घटना को लेकर वह कल्लू बाबा पर शक करता था। इसी बात को लेकर पहले भी दोनों पक्षों में कई बार कहासुनी हो चुकी थी।
गुरुवार रात करीब साढ़े दस बजे अंकित तिवारी अपने साथियों राहुल रावत और राहुल कनौजिया के साथ मंदिर पहुंचा। आरोप है कि तीनों नशे में थे और मंदिर में लगे बिजली के तार हटाने लगे। विरोध करने पर उन्होंने कल्लू बाबा को पकड़कर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। आरोपियों ने उन्हें करीब दस मीटर तक घसीटा, फिर पास के नाले के किनारे औंधे मुंह दबाकर डंडों से पीटा और कपड़े से गला कसकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी शव को घसीटते हुए पास के खाली एलडीए प्लाटिंग मैदान में फेंककर भाग निकले। शुक्रवार सुबह स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मृतक के भाई पुत्तीलाल की तहरीर पर अंकित तिवारी, राहुल रावत और राहुल कनौजिया के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
परिजनों का कहना है कि करीब 25 दिन पहले भी आरोपियों ने मंदिर परिसर में घुसकर कल्लू प्रजापति के साथ मारपीट की थी। उस समय मंदिर की कुर्सियां, हारमोनियम और पूजा का सामान तोड़कर बाहर फेंक दिया गया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक उस घटना के बाद भी आरोपियों के हौसले कम नहीं हुए और विवाद बढ़ता चला गया।
कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि मंदिर के पास एक मकान में गांजा बेचा जाता था, जिससे इलाके में नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता था। कल्लू बाबा अक्सर इसका विरोध करते थे और पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मुख्य पुजारी गुड्डू लोधी और उनके बेटे गोलू के अनुसार घटना की रात बाबा की बचाओ-बचाओ की आवाज कई लोगों ने सुनी, लेकिन पास में चल रहे शादी समारोह के शोर में किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी दौरान आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।






