शाहजहांपुर, 21 फरवरी 2026:
शाहजहांपुर, जो कभी क्रांतिकारी आंदोलन और आजादी की लड़ाई का गवाह था, अब विकास की एक नई पहचान बना चुका है। यह जिला अब पिछड़े दिनों को छोड़कर, एक नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले नौ सालों में इस जिले ने कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों से जिले को एक मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, औद्योगिक विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध जरी-जरदोजी हस्तशिल्प मिला है।
शाहजहांपुर को मिला अपना विश्वविद्यालय
शाहजहांपुर का प्रसिद्ध स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज अब एक विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित होने जा रहा है। इस फैसले से यहां के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए अब दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। पहले छात्रों को बरेली या लखनऊ जाने की मजबूरी थी, लेकिन अब वे यहीं पर अपनी शिक्षा पूरी कर सकते हैं। छात्रों ने इस फैसले को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है।

जरी-जरदोजी कला को नया जीवन
शाहजहांपुर की जरी-जरदोजी कला, जो लगभग विलुप्त हो रही थी, अब ओडीओपी योजना के तहत पुनर्जीवित हो गई है। मोहम्मद यासीन खान, जो इस कला से जुड़े हैं, बताते हैं कि पहले इस काम से जुड़े कारीगरों के पास काम की कमी थी, लेकिन अब ओडीओपी योजना के तहत मांग बढ़ने के कारण उनकी स्थिति बेहतर हो गई है। आज यहां के कारीगर न केवल भारत में, बल्कि दुबई और सऊदी अरब में भी अपने उत्पादों की आपूर्ति कर रहे हैं।
पं. राम प्रसाद बिस्मिल के नाम पर मेडिकल कॉलेज
पं. राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उनके नाम पर शाहजहांपुर को एक मेडिकल कॉलेज मिला है। यह कॉलेज अब राज्य और देश के अन्य हिस्सों के छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। इस कॉलेज के अस्पताल में 100 बेड की सुविधा है, जहां अब बड़ी बीमारियों का इलाज भी स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है।
औद्योगिक विकास और रोजगार का अवसर
शाहजहांपुर में अब औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है। अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री, चीनी मिल और अन्य औद्योगिक कारखाने हजारों युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। गंगा एक्सप्रेस वे से जिले का जुड़ना यहां के विकास में एक नया आयाम जोड़ रहा है।

महिलाओं का समावेशी विकास
योगी सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उदाहरण के तौर पर, विश्वकर्मा योजना के तहत दर्जी के काम में उपयोग होने वाला किट महिलाओं को प्रदान किया गया है, जिससे वे घर बैठकर कमाई कर रही हैं। इसके अलावा, महिलाएं ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में खेतों में फर्टिलाइजर का छिड़काव कर रही हैं और अच्छा धन अर्जित कर रही हैं।
जिले में कानून व्यवस्था व कृषि में सुधार
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शाहजहांपुर में कानून और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिले में जनसुनवाई के दौरान पीड़ितों को तुरंत सहायता दी जाती है और जिला प्रशासन हमेशा एक्शन मोड में रहता है। शाहजहांपुर के गन्ना और आलू किसानों की समस्याएं अब कम हो चुकी हैं। सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के कारण किसानों को फायदा हो रहा है, और वे अब बेहतर परिणाम प्राप्त कर रहे हैं।






