सिंगापुर/लखनऊ, 23 फरवरी 2026:
सीएम योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे ने उत्तर प्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति को नई रफ्तार दी है। इस दौरान उन्होंने सिंगापुर मुख्यालय वाले वैश्विक वित्तीय संस्थान DBS Bank की मुख्य कार्यकारी अधिकारी Tan Su Shan और उनकी टीम के साथ अहम बैठक की। बातचीत में डिजिटल बैंकिंग, अफोर्डेबल वित्तीय सेवाओं, कैपेबिलिटी डेवलपमेंट, सेमीकंडक्टर निर्माण और ग्रीन एनर्जी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सकारात्मक विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने डीबीएस बैंक को यूपी में निवेश और साझेदारी के अवसर तलाशने का औपचारिक निमंत्रण दिया। बैंक ने राज्य के उभरते ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में खास दिलचस्पी दिखाई। खास तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) और सौर ऊर्जा जैसे हरित क्षेत्रों में संभावित साझेदारी पर चर्चा हुई। यह सहयोग यूपी के हरित विकास लक्ष्यों को गति देने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा निवेश को भी आकर्षित कर सकता है।

बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पर भी फोकस रहा। विशेषकर सेमीकंडक्टर चिप निर्माण के लिए ताइवानी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की संभावना पर विचार हुआ। इससे राज्य में उच्च तकनीक उद्योगों का इकोसिस्टम मजबूत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सहकारी बैंकिंग ढांचे के डिजिटलीकरण पर विस्तृत चर्चा हुई। डीबीएस बैंक ने जिलों में सहकारी बैंकों के डिजिटल सशक्तिकरण के जरिए किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को तेज, सुलभ और पारदर्शी वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने में सहयोग की इच्छा जताई।
1968 में स्थापित डीबीएस बैंक की कुल परिसंपत्तियां दिसंबर 2023 तक लगभग 739 बिलियन अमेरिकी डॉलर हैं। भारत में इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी DBS Bank India Limited 19 राज्यों में करीब 350 स्थानों पर संचालित हो रही है। बैठक को उत्तर प्रदेश की डिजिटल अर्थव्यवस्था, हरित विकास लक्ष्यों और निवेश अनुकूल इकोसिस्टम के साथ डीबीएस बैंक की भारत विकास रणनीति को जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यूपी सरकार पारदर्शिता, नीतिगत स्थिरता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के साथ वैश्विक निवेशकों को हर संभव सहयोग देगी।






