लखनऊ, 23 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी चारबाग रेलवे स्टेशन पर जुटे और वहां से विधानसभा घेराव की तैयारी में आगे बढ़े। प्रदर्शनकारियों ने बुलडोजर कार्रवाई, बिजली के निजीकरण, किसानों को फसलों का उचित दाम और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पार्टी के जिलाध्यक्ष रमेश सेंगर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में संविधान को दरकिनार कर बुलडोजर के जरिए किसानों और आम लोगों पर दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिसिया कार्रवाई के सहारे दुकानों और मकानों को तोड़ा जा रहा है। इससे गरीब तबके का जीवन उजड़ रहा है। उनका कहना था कि पुश्तैनी जमीन, पट्टा, वन भूमि पर आबादी और गरीबों की बदहाली जैसे मुद्दों पर सरकार आंख मूंदे बैठी है।

प्रदर्शनकारियों ने मनरेगा को बहाल कर 200 दिनों का काम सुनिश्चित करने और ₹600 प्रतिदिन मानदेय देने की मांग उठाई। महिला संगठन की प्रदेश सचिव कुसुम ने कहा कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ को चुना और विधानसभा तक पहुंचाया लेकिन अब जनता की आवाज नहीं सुनी जा रही है। उन्होंने पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर रोके जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गरीबों और आदिवासियों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सरकार को ज्ञापन देना उनका अधिकार है।
पार्टी के मनीष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ‘बुलडोजर की सरकार’ चल रही है। कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई के नाम पर गरीबों और आदिवासियों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारी कई मांगों के साथ विधानसभा तक पहुंचना चाहते थे लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते उन्हें रोक दिया गया। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने चेताया कि यदि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।






