लखनऊ, 23 फरवरी 2026:
होली पर घर लौट रहे यात्रियों की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं जब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गोसाईंगंज थाना क्षेत्र में एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। खेमा खेड़ा गांव के पास हुए इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए। आठ गंभीर घायलों को एसजीपीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
बस पंजाब के लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा रही थी। बस में सौ से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें ज्यादातर मजदूर थे जो होली मनाने अपने घर लौट रहे थे। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीण भी पुलिस और राहत टीमों के साथ बचाव कार्य में जुट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में थी और अचानक डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। लोगों का कहना है कि हादसे से पहले बस सड़क पर लहराते हुए चल रही थी। ड्राइवर को नींद आने या लापरवाही की भी आशंका जताई जा रही है। कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि ढाबे पर रुकने के बाद चालक ने शराब पी थी और उसके बाद बस काफी तेज चला रहा था।
सूचना मिलते ही गोसाईंगंज पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य अस्पतालों में भेजा गया। बाद में क्रेन की सहायता से बस को हटाकर टोल प्लाजा तक ले जाया गया। हादसे के चलते एक्सप्रेसवे पर काफी देर तक जाम लगा रहा, जिसे बाद में सामान्य कराया गया।
लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में डॉक्टरों को तत्काल बुलाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल आठ यात्रियों को एसजीपीजीआई ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर यात्रियों का सामान, चप्पलें और जूते दूर दूर तक बिखरे मिले। प्रशासन ने मौके की सफाई कराकर यातायात बहाल कराया।
हादसे में मरने वालों में प्रभात कुमार, अंशु पांच वर्ष और अंजली दस वर्ष की पहचान हो चुकी है। बाकी मृतकों की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव ने बताया कि बस के खिलाफ पहले भी कई चालान किए जा चुके हैं। चालक की भूमिका और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






