Lucknow City

अखाड़ा बना प्रबुद्ध समागम…भाषण रोक लौटे दिनेश शर्मा, अलंकार फरसा लेकर पहुंचे

यूजीसी मुद्दे पर हंगामा, नारेबाजी और हूटिंग के बीच बरेली के पूर्व मजिस्ट्रेट समेत कई नेताओं का संबोधन प्रभावित, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गरमाई सियासत, डिप्टी सीएम बृजेश का हुआ स्वागत

लखनऊ, 28 फरवरी 2026:

राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ब्राह्मण समाज के प्रबुद्ध समागम में शनिवार को उस समय माहौल गरमा गया जब कार्यक्रम चर्चा से ज्यादा हंगामे का केंद्र बन गया। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर नाराज लोगों ने जमकर नारेबाजी की, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बदल गया।

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से आयोजित इस समागम में भाजपा और कांग्रेस समेत कई दलों के वरिष्ठ नेता एक ही मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की समस्याओं पर चर्चा और एकता का संदेश देना बताया गया था, लेकिन बीच कार्यक्रम में विरोध और नाराजगी खुलकर सामने आ गई।

पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा जैसे ही मंच से बोलने के लिए खड़े हुए, यूजीसी मुद्दे पर सवाल उठाते हुए लोगों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि वह मुश्किल से एक मिनट ही बोल पाए थे कि हूटिंग और नारेबाजी तेज हो गई। हालात बिगड़ते देख उन्होंने अपना भाषण अधूरा छोड़ दिया और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए वापस मंच पर बैठ गए।

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Chaos at Lucknow Event Dinesh Sharma's Speech Disrupted (1)

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कार्यक्रम में उस समय और तनाव बढ़ गया जब निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री हाथ में भगवान परशुराम का प्रतीक फरसा लेकर पहुंचे। उन्होंने मंच से बोलना शुरू किया तो आयोजकों ने उन्हें मुद्दे पर बोलने की सलाह देते हुए रोक दिया। मंदिर और चंदे जैसे विषयों का जिक्र करने पर आयोजकों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और माहौल फिर से गर्म हो गया।

हंगामे के दौरान कुछ लोग कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए बाहर भी निकल गए। आयोजकों ने बार-बार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन बीच-बीच में विरोध जारी रहा। कार्यक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल होते रहे।

समागम में पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, कांग्रेस के यूपी प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सहित कई राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। मंच से वक्ताओं ने समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।

आयोजकों की ओर से कहा गया कि यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित कानून और सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए यह कार्यक्रम बुलाया गया था। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ऐसे कानून समाज के हितों के खिलाफ हैं और जनप्रतिनिधियों को इस पर खुलकर बोलना चाहिए। कार्यक्रम में पहुंचे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार ब्राह्मण समाज के साथ खड़ी है और उनके हितों की चिंता सरकार और पार्टी दोनों कर रही हैं। उन्होंने प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत भी किया।

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