Lucknow City

खामेनेई की मौत से आहत शिया समुदाय ने निकाला कैंडिल मार्च… लखनऊ में आज भी प्रदर्शन जारी

इमामबाड़ों पर हुई मजलिस, इजरायल के खिलाफ नारेबाजी से गूंजा इलाका, हजारों संख्या में जुटे लोग, बोले- खाली नहीं जाएगी हमारे रहबर की शहादत

लखनऊ, 2 मार्च 2026 :

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय में गहरा शोक और रोष पैदा कर दिया है। चौक इलाके में लगातार दूसरे दिन आज भी प्रदर्शन और मजलिस का आयोजन होगा जिसमें शिया समुदाय के हजारों लोग शामिल होंगे। इससे पहले रविवार सुबह से देर रात तक छोटा और बड़ा इमामबाड़ा में लोगों का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान लोगों ने छोटा इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा तक कई बार रैली निकाली और शाम में कैंडिल मार्च निकाल कर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विरोध दर्ज कराया।

विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि हमारे रहबर खामेनेई की शहादत खाली नहीं जाएगी। सोमवार को प्रदर्शन से पहले ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने 3 दिन शोक की घोषणा की थी। बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने शिया समुदाय के लोगों से कहा कि लोग अपने घरों पर काले झंडे लगाएं और काले कपड़े पहनें। छोटा और बड़ा इमामबाड़ा पर्यटकों के लिए 3 मार्च तक बंद रहेंगे।

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शिया समुदाय के लोगों के प्रदर्शनों के बीच यूपी पुलिस ने लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया है और ड्रोन से निगरानी कर रही है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने मीडिया को बताया कि उन सभी जिलों में सतर्कता बढ़ाई गई है, जहां शिया समुदाय की आबादी अधिक है। इनमें लखनऊ, जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ शामिल हैं। इससे पहले सीएम योगी ने भी रविवार सुबह मीटिंग में अफसरों से सावधानी बरतने को कहा।

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (86 वर्ष) को अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमलों में शनिवार को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया ने इसे ‘शहादत’ बताया और 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी मौत की पुष्टि की। यह घटना मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा रही है।

लखनऊ में शिया समुदाय का भावुक प्रदर्शन

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की लखनऊ के शिया समुदाय के लोगों में रोष उत्पन्न हो गया और हजारों महिला पुरुष सड़क पर आ गए। कई महिलाएं फफक-फफक कर रो रही थीं। इस दौरान एक महिला ने कहा, मेरे खामेनेई को धोखे से मारा गया है, अगर एक खामेनेई मारा गया तो हजार खामेनेई उठ खड़े होंगे।’ मातम (सूबक) और मर्सिया पढ़े गए।

पुतला दहन और मार्च : ट्रंप और नेतन्याहू के पुतले जलाए गए। छोटा इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा तक कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन निकाले गए। रूमी गेट से हुसैनाबाद तक सड़कें लोगों से भरी रहीं।

रात तक रही भीड़ : बड़ा इमामबाड़ा पर देर रात तक भीड़ बनी रही। इमामबाड़े पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए। हुसैनाबाद बाजार और आसपास दुकानें बंद रहीं, जैसे बंद का माहौल था।

तीन दिवसीय शोक : शिया नेताओं जैसे मौलाना कल्बे जवाद और यासूब अब्बास ने तीन दिनों का शोक घोषित किया। घरों पर काले परचम लहराए जा रहे हैं। आज (2 मार्च) भी चौक इलाके में मजलिस और प्रदर्शन जारी हैं।

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