Uttarakhand

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में तेजी… जीएसडीपी बढ़कर 3.81 लाख करोड़ पहुंची

प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने साझा की आर्तिक सर्वेक्षण रिपोर्ट, स्टार्टअप, एमएसएमई और पर्यटन में बढ़ोतरी, 2026-27 में 8.2 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 5 मार्च 2026:

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024-25 में राज्य की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी बढ़कर 3,81,889 करोड़ रुपये हो गई है, जो वर्ष 2021-22 में करीब 2.54 लाख करोड़ रुपये थी।

प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में यह जानकारी मीडिया से मुखातिब होकर दी है। उन्होंने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2021-22 में प्रति व्यक्ति आय 1,94,670 रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 2,73,921 रुपये हो गई। इस दौरान राज्य की ग्रोथ रेट 7.23 प्रतिशत रही है और आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जीएसडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में उद्योग और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी तेजी आई है। वर्ष 2017 तक जहां स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, वहीं 2024-25 तक यह बढ़कर 1750 हो गई है। इसी तरह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एमएसएमई की संख्या भी बढ़ी है, जिससे रोजगार के अवसरों में इजाफा हुआ है। रोजगार के आंकड़ों में भी सुधार देखा गया है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट 60.1 प्रतिशत से बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गया है। वहीं बहुआयामी गरीबी सूचकांक में कमी आई है और यह 9.7 प्रतिशत से घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी प्रगति दर्ज की गई है। राज्य में सड़कों की कुल लंबाई बढ़ी है, जबकि हेलीपोर्ट और हेलीपैड की संख्या में भी इजाफा हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कम हुई है और कॉलेजों की संख्या भी बढ़ी है।

ऊर्जा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बिजली उत्पादन में बड़ा उछाल आया है और सौर ऊर्जा उत्पादन भी तेजी से बढ़ा है। स्वास्थ्य के मोर्चे पर शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है, जबकि औसत आयु भी बढ़कर करीब 73 वर्ष हो गई है।

कृषि और पशुपालन क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ा है। धान और गेहूं की पैदावार में सुधार हुआ है, जबकि दुग्ध और मत्स्य उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ पर्यटन क्षेत्र में होटल और होमस्टे की संख्या बढ़ने से इस सेक्टर को भी मजबूती मिली है। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च के सहयोग से तैयार की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य ने सतत विकास लक्ष्य एसडीजी इंडेक्स में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए हाल के वर्षों में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

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