लखनऊ, 7 मार्च 2026:
बिहार में एक जलसे के दौरान मौलाना अब्दुल्ला सलीम की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हनुमान सेतु से हजरतगंज चौराहे तक पैदल मार्च निकालते हुए मौलाना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला जलाया।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और पोस्टर थे। उन पर मौलाना अब्दुल्ला के खिलाफ कार्रवाई की मांग लिखी हुई थी। छात्रों ने कहा कि इस तरह की आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करना समाज में वैमनस्य और तनाव पैदा करता है। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन में शामिल पूर्व छात्र नेता अनुराग तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी की मां के बारे में की गई टिप्पणी बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है।

उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार धार्मिक नेता को समाज में शांति और सौहार्द का संदेश देना चाहिए, न कि भड़काऊ और अपमानजनक बयान देकर माहौल बिगाड़ना चाहिए।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मौलाना अब्दुल्ला के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की भड़काऊ भाषा का प्रयोग करने से पहले सौ बार सोचे।
पैदल मार्च के दौरान हजरतगंज चौराहे पर कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मौलाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।






