लखनऊ, 8 मार्च 2026:
यूपी में आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश सरकार की पहल पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की पढ़ाई तकनीक के साथ जुड़ने लगी है। राज्य भर के 16 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा चुके हैं। इससे प्रारंभिक शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।
सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक प्ले-स्कूल जैसी सुविधाओं से लैस करना है। इससे छोटे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा। स्मार्ट टीवी के जरिए बच्चों को अब कहानियां, पहेलियां, कार्टून और एनिमेशन के माध्यम से डिजिटल शैक्षणिक सामग्री दिखाई जा रही है। इससे पढ़ाई का पारंपरिक तरीका अधिक रोचक और प्रभावी बन गया है।
जानकारी के अनुसार हर स्मार्ट टीवी को लगाने पर करीब 25 हजार रुपये का खर्च किया जा रहा है। इस तकनीकी पहल के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में अक्षर ज्ञान, गिनती और रंगों की पहचान कराई जा रही है। इससे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है और उनकी भाषा व संप्रेषण क्षमता भी विकसित हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा के इस नए डिजिटल मॉडल से बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को मजबूत आधार मिल सकता है। डिजिटल माध्यमों के उपयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों का वातावरण अधिक आकर्षक और जीवंत बन रहा है, जिससे बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ रही है।
इसके साथ ही शिक्षिकाओं को भी बच्चों को पढ़ाने में नई सुविधा मिल रही है। ऑडियो-विजुअल माध्यम से बच्चों को विषय समझाना अधिक आसान और प्रभावी हो गया है। इससे सीखने की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि तकनीक के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है। योगी सरकार की यह पहल न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बना रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा भी तय कर रही है।






