लखनऊ, 13 मार्च 2026:
राजधानी लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का शुक्रवार को लोकार्पण कर दिया गया। झूलेलाल वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को जनता को समर्पित किया। इसी अवसर पर ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे और चौथे चरण के निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया गया।
कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ लगातार आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के नए कामों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत या अप्रैल की शुरुआत में लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे भी शुरू होने की संभावना है। इसके बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी 35 से 40 मिनट में तय की जा सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लोग बुलडोजर बाबा के नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर केवल अवैध निर्माण हटाने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह विकास की नई जमीन भी तैयार करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत होने से विकास की गति तेज हुई है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ अब रक्षा क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ब्रह्मोस और एयरोस्पेस से जुड़े कई प्रोजेक्ट यहां विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में लखनऊ की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
राजनाथ सिंह ने शहर में स्वच्छता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले लोग गोमती नदी में कूड़ा फेंक देते थे, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था की गई है और शहर स्वच्छता के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पिछले वर्ष लखनऊ को स्वच्छता रैंकिंग में तीसरा स्थान भी मिला था।
योगी ने कहा- लखनऊ नई तकनीक और निवेश का केंद्र बन रहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ आज अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीक का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि शहर रक्षा क्षेत्र की जरूरतों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक अहम कड़ी बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर बनने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। पहले जिस दूरी को तय करने में 45 मिनट से एक घंटे तक का समय लगता था, अब वही दूरी 10 से 15 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह कॉरिडोर बिना किसी बाधा के तेज और सुगम आवागमन की सुविधा देगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसमें शहरी विकास की बड़ी भूमिका होगी। लखनऊ उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण का लोकार्पण और तीसरे व चौथे चरण का शिलान्यास शहर के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके साथ ही लखनऊ मेट्रो के विस्तार कार्य को आगे बढ़ाने के लिए भी नई स्वीकृति मिली है। आज आप देख रहे होंगे कि गल्फ क्षेत्र में युद्ध छिड़ा है और दुनिया में एक आर्थिक अराजकता की स्थिति बनी है। इन परिस्थितियों के बीच भी भारत मजबूती के साथ अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है, क्योंकि देश के पास सक्षम और योग्य नेतृत्व है।
करीब 1519 करोड़ रुपये की लागत से बने इस चरण के तहत डालीगंज से निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक लगभग 7 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर तैयार किया गया है। इसके शुरू होने से हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे व्यस्त इलाकों में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रीन कॉरिडोर का पहला चरण मार्च 2024 में शुरू हुआ था। उस चरण में आईआईएम रोड से पक्का पुल तक करीब 6.8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग तैयार किया गया था। दूसरे चरण के शुरू होने के बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन और तेज हो जाएगा। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधायक नीरज बोरा आदि जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएमएस कार्यक्रम में शिक्षा और संस्कार पर जोर
लखनऊ में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने सिटी मोंटेसरी स्कूल के गोल्फ सिटी परिसर में नए कॉलेज भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल अंकों की दौड़ में आगे बढ़ाने के बजाय उन्हें जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे की रुचि अलग होती है, इसलिए अभिभावकों को यह समझना चाहिए कि बच्चे किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि अच्छे स्कूल शिक्षा और अनुशासन दे सकते हैं, लेकिन बच्चों को अच्छे संस्कार परिवार से ही मिलते हैं। इसलिए अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को बेहतर नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शन दें।






