लखनऊ, 11 मई 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए जनता से सोना कम खरीदने, विदेश यात्राएं घटाने, पेट्रोल की खपत कम करने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए तीखा हमला बोला और कहा कि चुनाव खत्म होते ही भाजपा को संकट याद आ गया।
अखिलेश यादव ने एक्स पर लंबी पोस्ट करते हुए कहा कि देश के सामने सबसे बड़ा संकट भाजपा खुद है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि अगर इतनी पाबंदियां लगानी पड़ रही हैं तो पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी। उनके मुताबिक डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है जबकि रुपया कमजोर पड़ता जा रहा है, जिससे साफ है कि सरकार अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण खो चुकी है।
चुनाव ख़त्म होते ही, ‘संकट’ याद आ गया!
दरअसल देश के लिए ‘संकट’ सिर्फ़ एक है और उसका नाम है : ‘भाजपा’
इतनी सारी पाबंदियां लगानी पड़ीं तो ‘पंच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था’ कैसे बनेगी? लगता है भाजपा सरकार के हाथ से लगाम पूरी तरह छूट गयी है। डॉलर आसमान छू रहा है और देश का… pic.twitter.com/2f8utdxbLR
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 11, 2026
सपा प्रमुख ने सोना न खरीदने की अपील को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता तो पहले ही महंगाई के कारण सोना खरीदने की स्थिति में नहीं है, बल्कि भाजपाई ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण कर रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इसकी सच्चाई लखनऊ से गोरखपुर और अहमदाबाद से गुवाहाटी तक पता की जा सकती है।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने हजारों चार्टर विमान यात्राएं कीं, बड़े-बड़े होटलों में रुके और जमकर प्रचार किया, तब संसाधनों की बचत याद क्यों नहीं आई। उन्होंने कहा कि अगर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वर्क फ्रॉम होम इतना जरूरी था तो चुनाव प्रचार उसी तरीके से क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ऐसी अपीलों से बाजार में डर, मंदी और महंगाई की आशंका बढ़ेगी। उनके अनुसार सरकार का काम संकट से बाहर निकालना होता है, न कि लोगों में घबराहट फैलाना। अखिलेश ने भाजपा की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति से हटने का खामियाजा जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव के रूप में भुगत रही है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा सरकार विदेश नीति और घरेलू नीति दोनों मोर्चों पर विफल रही है और प्रधानमंत्री की यह अपील सरकार की असफलता की स्वीकारोक्ति है। उन्होंने कहा कि वोट मिलते ही भाजपा का खोट सामने आ गया। मालूम हो कि प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को तेलंगाना के सिकंदराबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ईरान-अमेरिका तनाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत पर जोर दिया था।






