एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 14 मार्च 2026:
मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के इमलिहाखेड़ा गांव में सड़क हादसे में सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। भंडारे से प्रसाद लेकर सड़क पार कर रहे मासूम को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद बच्चा कार में फंसकर कुछ दूरी तक घिसटता चला गया। ग्रामीणों के सामने आने व शोर मचाने पर कार रुकी। ग्रामीणों ने कार पर सवार तीन महिलाओं को रोके रखा। पुलिस उन्हें सुरक्षित थाने लाई पता चला तीनों टीचर हैं और ड्यूटी से वापस लौट रहीं थीं।इधर घायल बच्चे को तुरंत सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मजदूर पेशा पिता का बेटा था सात साल का अर्जुन
गांव सिसेंडी मजरा इमलिहाखेड़ा में मजदूरी करने वाले टिंकल अपनी पत्नी कमलेश और तीन बच्चों करन, अर्जुन और पल्लवी के साथ रहते हैं। कमलेश ने बताया कि गांव में सड़क किनारे रहने वाले संदीप त्रिपाठी के यहां भागवत कथा के समापन पर भंडारे का आयोजन था। शुक्रवार शाम उनका सात वर्षीय बेटा अर्जुन प्रसाद लेने गया था। प्रसाद लेकर लौटते समय जब वह सड़क पार कर रहा था, तभी तेज रफ्तार मारुति वैगनआर कार ने उसे टक्कर मार दी।
ठोकर मारने के बाद महिला ने कार नहीं रोकी
ग्रामीणों के अनुसार टक्कर लगने के बाद बच्चा सड़क पर गिर गया। इसी दौरान कार चालक ने वाहन आगे बढ़ा दिया, जिससे बच्चा कार में फंस गया और कुछ दूरी तक घिसटता चला गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और वाहन के आगे आ गए तब चालक ने कार रोकी। इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चे को बाहर निकालकर एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के आने पर शांत हुआ ग्रामीणों का गुस्सा
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कार चालक महिला शिक्षिका और अन्य दो महिलाओं को कार समेत रोक लिया। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद महिला चालक और कार को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
तेलीबाग से रायबरेली आती-जाती है महिला शिक्षिका
कार चालक रेनू संजीव कुमार लखनऊ के गांधी नगर, तेलीबाग क्षेत्र की निवासी हैं और रायबरेली जिले के खीरों क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। वह रोज की तरह मौरांवा–मोहनलालगंज मार्ग से स्कूल आना-जाना करती हैं। शुक्रवार को भी वह दो अन्य शिक्षिकाओं के साथ कार से लौट रही थीं। इसी दौरान सिसेंडी के पास यह हादसा हो गया। ठोकर तेज थी इसलिए कार का बोनट धंस गया था।
बच सकती थी मासूम की जान, दादी के साथ घर आकर फिर प्रसाद लेने गया था अर्जुन
ग्रामीणों का कहना है कि पहली टक्कर के बाद बच्चा ज्यादा घायल नहीं था। लोग उसकी ओर दौड़ पड़े थे, लेकिन उसी समय कार आगे बढ़ गई और बच्चा वाहन में फंस गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों के अनुसार अर्जुन की चचेरी दादी दुलारी दोपहर करीब तीन बजे घर के बच्चों को लेकर भंडारे में प्रसाद दिलाने गई थीं और उन्हें वापस ले आई थीं। करीब चार बजे अर्जुन अकेले दोबारा प्रसाद लेने के लिए सड़क पार कर भंडारे की ओर चला गया। इसी दौरान वह सड़क हादसे का शिकार हो गया। फिलहाल परिवार व गांव मासूम की दर्दनाक मौत से गमगीन है।






