लखनऊ, 14 मार्च 2026:
यूपी सरकार ने विवादों में घिरे 2006 बैच के निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बहाल कर दिया है। नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के अनुसार अभिषेक प्रकाश 15 मार्च से पुनः सेवा में बहाल माने जाएंगे।
मालूम हो कि अभिषेक प्रकाश को पिछले वर्ष एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप में निलंबित किया गया था। उस समय वह इन्वेस्ट यूपी के सीईओ के पद पर तैनात थे।
कंपनी की शिकायत के आधार पर प्रदेश सरकार ने 20 मार्च 2025 को उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था। हालांकि इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हाल ही में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को रद्द कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने चार्जशीट को निरस्त कर दिया। इसके बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद शासन स्तर पर उनकी बहाली की प्रक्रिया तेज कर दी गई थी। अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद नियुक्ति विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।
इसके तहत अभिषेक प्रकाश की सेवा बहाल कर दी गई है। हालांकि सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बहाली के बावजूद उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच जारी रहेगी। जांच के दौरान मामले से जुड़े सभी पहलुओं और साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।
शासन सूत्रों के अनुसार निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने से पहले इस मामले से संबंधित रिपोर्ट केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत उनकी बहाली 14 मार्च के बाद प्रभावी मानी गई है। गौरतलब है कि रिश्वत मांगने के आरोप के चलते अभिषेक प्रकाश का निलंबन प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में काफी चर्चा का विषय बना था। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनकी बहाली से इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।






