Uttar Pradesh

हस्तशिल्प व लोकल उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार…तीन शहरों में बन रहे ‘पीएम यूनिटी मॉल’

लखनऊ, वाराणसी और आगरा में तेजी से चल रहा निर्माण, 75 जिलों के ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों को मिलेगा नया मंच

लखनऊ, 14 मार्च 2026:

प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प और लोकल उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए सरकार तीन प्रमुख शहरों में पीएम यूनिटी मॉल बना रही है। लखनऊ, वाराणसी और आगरा में इन मॉल का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। इन मॉल का मकसद प्रदेश के अलग अलग जिलों के मशहूर उत्पादों को एक ही जगह पर प्रदर्शित करना और उन्हें देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाना है।

इन मॉल के जरिए कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा। साथ ही प्रदेश के 75 जिलों में तैयार होने वाले ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

परंपरागत उद्योगों को मिलेगा सहारा

ग्रामीण इलाकों में कई पारंपरिक उद्योग धीरे धीरे कमजोर पड़ रहे थे। ऐसे में यूनिटी मॉल की पहल इन उद्योगों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। इससे कारीगरों को अपने काम के लिए स्थायी बाजार मिलेगा और उनके उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग भी हो सकेगी। माना जा रहा है कि इससे स्थानीय शिल्प और स्वदेशी उत्पादों को नई ताकत मिलेगी।

आगरा में बन रहा बड़ा यूनिटी मॉल

आगरा के शिल्पग्राम इलाके में करीब 11.53 एकड़ जमीन पर लगभग 128.85 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। निर्माण का शुरुआती ढांचा लगभग पूरा हो चुका है। बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन और आरसीसी से जुड़े काम पूरे किए जा चुके हैं। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को एक मंच मिलेगा।

वाराणसी में काशी की कारीगरी को मिलेगा नया ठिकाना

वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी क्षेत्र में करीब 154.71 करोड़ रुपये की लागत से 1.46 एकड़ जमीन पर यूनिटी मॉल तैयार किया जा रहा है। यहां बेसमेंट से जुड़े काम जारी हैं। इस मॉल में बनारसी साड़ी, जरी जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और काशी के दूसरे पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए खास जगह दी जाएगी।

लखनऊ में अवध शिल्पग्राम में तैयार हो रहा मॉल

राजधानी लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में करीब 4.86 एकड़ क्षेत्र में लगभग 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। इसे जून 2026 तक पूरा करने की तैयारी है। यहां दुकानों की फिनिशिंग और प्रशासनिक ब्लॉक का ढांचा तैयार हो चुका है, जबकि बाकी निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस मॉल में चिकनकारी, जरी जरदोजी और अवध क्षेत्र के दूसरे मशहूर उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा।

कारीगरों की आय और रोजगार में होगा इजाफा

यूनिटी मॉल बनने से प्रदेश के अलग अलग जिलों के उत्पादों को एक ही जगह पर प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा। इससे कारीगरों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन को भी मजबूती दे सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button