लखनऊ, 14 मार्च 2026:
प्रदेश में छूटे पात्र लोगों तक आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ पहुंचाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में तीन महीने के भीतर करीब 18 लाख नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। इस अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवारों को भी योजना से जोड़ने पर खास जोर दिया गया है।
सरकार ने इस अभियान की शुरुआत पिछले साल 25 नवंबर से की थी, जो 25 दिसंबर 2025 तक चला। इस दौरान करीब 5 लाख 52 हजार से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए गए। अभियान के अच्छे नतीजे सामने आने के बाद इसे दोबारा 15 जनवरी से शुरू किया गया, जो अभी भी जारी है। 12 मार्च तक इस चरण में 17 लाख 94 हजार से ज्यादा कार्ड बनाए जा चुके हैं।
अभियान के दौरान जिलों की बात करें तो सबसे ज्यादा कार्ड बरेली में बने हैं। यहां 1,12,855 कार्ड बनाकर जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। जौनपुर में 83,042 कार्ड बनाकर दूसरा और आगरा में 76,702 कार्ड बनाकर तीसरा स्थान रहा। इसके बाद प्रयागराज में 74,252 और आजमगढ़ में 70,266 कार्ड बनाए गए।
स्टेट एजेंसी फार काम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य बन चुका है। प्रदेश में अब तक करीब 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इससे करोड़ों परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है।
वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए चल रही वय वंदना योजना के तहत भी 70 साल या उससे अधिक उम्र के करीब 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि अभियान में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ उनके परिवारों के कार्ड बनाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में करीब 4.28 लाख आशा कार्यकर्ता और उनके परिवार योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से 12 मार्च तक लगभग 3.24 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं, जबकि करीब 1.03 लाख कार्ड अभी बनने बाकी हैं। इस श्रेणी में सबसे ज्यादा कार्ड कुशीनगर में 6,620 बनाए गए।
इसी तरह लगभग 2.17 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और उनके परिवारों में से 1.53 लाख के कार्ड बन चुके हैं और करीब 64 हजार लाभार्थियों के कार्ड बनना बाकी है। इस श्रेणी में अंबेडकरनगर में सबसे ज्यादा 3,176 कार्ड बनाए गए।
वहीं 2.32 लाख आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवारों में से करीब 1.51 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि करीब 81 हजार लोगों के कार्ड बनना अभी बाकी हैं। यहां भी अंबेडकरनगर में सबसे ज्यादा 3,077 कार्ड बने हैं। इसके अलावा जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित गरीब परिवारों को भी योजना से जोड़ा गया। इस श्रेणी में सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड वाराणसी में बने, जबकि हापुड़, बागपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर भी आगे रहे।
स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के तालमेल से यह अभियान गांव स्तर तक चलाया जा रहा है।






