लखनऊ, 19 मार्च 2026:
देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में चार वर्षों से चल रहा ‘कार्यवाहक डीजीपी’ का दौर अब खत्म होने की ओर है। प्रदेश सरकार ने स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है। गृह विभाग ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक इस पैनल में चार वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण के नाम की है। उन्हें इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि डीजीपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यवाहक नियुक्तियों की बजाय नियमित नियुक्ति की जाए। इसी के बाद यूपी सरकार ने 1990 व 1991 बैच के उन आईपीएस अधिकारियों की सूची तैयार की जिन्होंने 30 साल की सेवा पूरी कर ली है।

वरिष्ठता सूची में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा का नाम सबसे ऊपर है लेकिन 2024 में सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के बाद उनकी भूमिका विवादों में आने से उनके डीजीपी बनने की संभावना कम मानी जा रही है। तब वे पुलिस भर्ती बोर्ड की डीजी थीं। इसके अलावा 1991 बैच के आलोक शर्मा (डीजी, एसपीजी) और पीयूष आनंद (डीजी, एनडीआरएफ) भी पैनल में शामिल हैं, लेकिन दोनों फिलहाल केंद्र में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
ऐसे में मौजूदा हालात और कानून-व्यवस्था पर पकड़ को देखते हुए राजीव कृष्ण का नाम सबसे आगे चल रहा है। उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ का विश्वसनीय अधिकारी भी माना जाता है। विभागीय जानकारों के अनुसार यूपीएससी राज्य सरकार द्वारा भेजे गए नामों में से तीन अधिकारियों का पैनल वापस भेजेगा, जिसमें से सरकार अंतिम चयन करेगी। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और उत्तर प्रदेश को लंबे इंतजार के बाद एक स्थायी डीजीपी मिल जाएगा।






