न्यूज डेस्क, 20 मार्च 2026:
फिल्म धुरंधर 2 को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। फिल्म में माफिया अतीक अहमद से मिलते-जुलते किरदार और नोटबंदी को बड़े फैसले के तौर पर दिखाने पर कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं। सभी नेताओं ने इसे प्रोपेगैंडा बताकर बैन करने की मांग रखी है।
बता दें गत 19 मार्च को रिलीज हुई धुरंधर 2 मूवी अपनी ओपनिंग के दिन से करोड़ों कमा रही है। भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को दर्शाने वाली इस मूवी में अतीक अहमद से मिलता जुलता किरदार आतिफ अहमद दिखाया गया है, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़ा बताया गया है। फिल्म में नोटबंदी को एक बड़े ऑपरेशन के तौर पर पेश किया गया है, जिसमें नकली नोटों के नेटवर्क को तोड़ने की कहानी दिखाई गई है। ऐसी तमाम बातों को लेकर कई दल और उनके नेता खफा हैं और तीखी प्रतिक्रिया दी है।
खास समुदाय को किया गया टॉरगेट
एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने फिल्म पर निशाना साधते हुए कहा कि इसमें एक खास समुदाय को टारगेट किया गया है और ऐसी फिल्मों पर रोक लगनी चाहिए। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने फिल्म को बकवास बताया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी को मास्टर स्ट्रोक दिखाना गलत है, जबकि इससे देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ था। उनका कहना है कि ऐसी फिल्मों पर लोग यकीन नहीं करेंगे।

अतीक को लेकर दावे बेबुनियाद
पूर्व सपा सांसद एसटी हसन ने कहा कि अतीक अहमद के किसी विदेशी एजेंसी से संबंध को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिल्म में दिखाए गए दावे बेबुनियाद लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद खड़ा कर फिल्म को चलाने की कोशिश की जा रही है।

चुनाव नजदीक देख जानबूझकर लाई गई फ़िल्म
घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि चुनाव के आसपास ऐसी फिल्में जानबूझकर लाई जाती हैं ताकि माहौल प्रभावित किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की फिल्मों को परोक्ष समर्थन मिलता है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में अब विवाद वाले मुद्दों को चुनकर पैसा कमाने का चलन बढ़ गया है और जानबूझकर हिंदू मुस्लिम एंगल जोड़ा जाता है।






