Uttar Pradesh

PMEGP से बदली तकदीर : लखीमपुर की निकिता वर्मा बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, 25 लोगों को दिया रोजगार

सीमेंट ईंट निर्माण यूनिट से हर महीने लाखों का कारोबार, गांव में रोजगार और नारी सशक्तिकरण की नई कहानी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का है उदाहरण

लखनऊ, 21 मार्च 2026:

यूपी में आत्मनिर्भर राज्य का सपना अब हकीकत में बदलता नजर आ रहा है। सीएम योगी के नेतृत्व में चलाई जा रही योजनाएं जमीनी स्तर पर असर दिखा रही हैं। इसका जीवंत उदाहरण लखीमपुर खीरी की रहने वाली निकिता वर्मा हैं। उन्होंने खुद को आत्मनिर्भर बनाने के साथ अपने गांव में रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए।

शाहपुर राजा गांव की निकिता वर्मा ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना का लाभ उठाते हुए 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। उससे सीमेंट की ईंटों के निर्माण का उद्योग शुरू किया। आज उनका यह छोटा सा प्रयास एक सफल उद्यम में बदल चुका है। निकिता के प्लांट में प्रतिदिन करीब 5 से 7 हजार सीमेंट ईंटों का उत्पादन होता है। इस व्यवसाय से उन्हें हर महीने लगभग एक लाख रुपये का मुनाफा हो रहा है। खास बात यह है कि उनके इस उद्योग ने 25 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी दिया है। इससे गांव की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

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निकिता की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का भी उदाहरण है। उनके प्रयासों से गांव में रोजगार के अवसर बढ़े और लोगों का पलायन भी कम हुआ है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देकर स्वरोजगार के अवसर सृजित करना है।

इस योजना का संचालन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के माध्यम से किया जाता है। निकिता वर्मा जैसी महिलाएं आज नारी सशक्तिकरण की नई परिभाषा गढ़ रही हैं। वे न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बन रही हैं बल्कि समाज और प्रदेश के आर्थिक विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही अवसर और संकल्प से कोई भी अपने सपनों को साकार कर सकता है।

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