NationalUttar Pradesh

जासूसी रैकेट का भंडाफोड़ : नेपाली नागरिक समेत चार गिरफ्तार, पाकिस्तान से जुड़े तार

पांच नाबालिग भी हिरासत में, उनके जरिए सैन्य ठिकानों की रेकी, व्हाट्सएप पर भेजी जा रही थीं गोपनीय सूचनाएं, 9 मोबाइल और 10 सिम बरामद

न्यूज डेस्क, 21 मार्च 2026:

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कौशांबी से एक बड़े जासूसी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में एक नेपाली नागरिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य पांच नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नेपाल के लुम्बिनी निवासी गणेश, मेरठ निवासी गगन कुमार, बिहार के विवेक और जौनपुर के दुर्गेश के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के सैन्य ठिकानों, प्रमुख प्रतिष्ठानों और रेलवे स्टेशनों की रेकी कर फोटो, वीडियो और जीपीएस लोकेशन पाकिस्तान में बैठे आकाओं को भेज रहा था।

अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क का संचालन पाकिस्तान इंटेलीजेंस ऑपरेटर सरफराज ढोगर उर्फ सरदार उर्फ जोरा सिंह कर रहा था। वह सीधे नाबालिगों के संपर्क में था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सरदार के व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा थे। उसके निर्देश पर कई स्थानों पर कैमरे भी लगाए गए।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सौर ऊर्जा संचालित सिम-आधारित स्टैंडअलोन सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इसके अलावा 50 अन्य स्थानों पर कैमरे लगाने की योजना थी। लोकेशन ट्रैकिंग के लिए विशेष एप मोबाइल में इंस्टॉल कराए गए थे जिनका इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग ऑनलाइन दी जाती थी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नौ मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं। जासूसी के लिए छिनैती के मोबाइल से निकाले गए सिम, प्री-एक्टिवेटेड सिम और रिश्तेदारों की आईडी पर जारी सिम का इस्तेमाल किया जा रहा था।

इस काम के बदले आरोपियों को 500 से 15 हजार रुपये तक यूपीआई के जरिए भुगतान किया जाता था। फिलहाल एसआईटी और खुफिया ब्यूरो की टीम पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।

ये भी पढ़ें  हरिओम हत्याकांड: अनुसूचित जाति आयोग के अफसर पहुंचे रायबरेली...पत्नी संगीता से मिले

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link