Uttar Pradesh

मंच पर फफक पड़े डॉ.संजय निषाद, आंखों में आंसू भरकर कहा…आरक्षण लेकर रहेंगे, समाज एकजुट हो

निषाद राज जयंती कार्यक्रम में दिग्विजयनाथ पार्क की रैली में जुटी भारी भीड़, 3000 बाइकों के काफिले से किया शक्ति प्रदर्शन, 2027 चुनाव को लेकर संगठन मजबूत करने पर दिया जोर, मंत्री ओपी राजभर व आशीष पटेल भी हुए शामिल

हरेंद्र धर दुबे

गोरखपुर, 22 मार्च 2026:

निषाद पार्टी की ओर से दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित निषाद राज जयंती और प्रांतीय अधिवेशन के दौरान कैबिनेट मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद मंच से संबोधन करते समय भावुक हो गए। भाषण के दौरान उनकी आंखों से आंसू निकल आए और इसी दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील की।

निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के इस कार्यक्रम से पहले शहर में करीब 10 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल रैली निकाली गई, जिसमें लगभग 3000 बाइक शामिल रहीं। केंद्रीय कार्यालय से निकला यह काफिला कई प्रमुख चौराहों से गुजरता हुआ दिग्विजयनाथ पार्क पहुंचा। रास्ते भर कार्यकर्ताओं ने झंडे और बैनर के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। रैली में पार्टी के कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे। सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर और अपना दल के अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल भी कार्यक्रम में शामिल हुए। मंच पर नेताओं का फूल मालाओं से स्वागत किया गया और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।

मंच पर पहुंचने के बाद डॉ. संजय निषाद ने कहा कि मछुआ समाज SC आरक्षण की मांग के लिए सड़कों पर उतरे। यह सिर्फ रैली नहीं यह हमारे हक की आवाज है। अब समय आ गया है, आरक्षण लेकर रहेंगे। निषाद समाज को वर्षों से नजरअंदाज किया गया है और उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज की बहन-बेटियों की इज्जत लूटी गई, बच्चों को दरकिनार किया गया, लेकिन उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। यह कहते हुए वह भावुक हो गए और कुछ पल के लिए रुकना पड़ा।

Dr. Sanjay Nishad Cries on Stage for Reservation (1)

उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि अगर समाज खुद मजबूत नहीं होगा तो कोई और उन्हें उनका हक नहीं दिला सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अपनी पार्टी को मजबूत करें और एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़े हों।उन्होंने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा।

उनका कहना था कि पहले की सरकारों ने निषाद समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज की शिक्षा, रोजी-रोटी और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की गई। मौजूदा सरकार ने उनकी बातों को सुना है और सदन में उनकी मांगों को उठाया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि निषाद समाज की पीड़ा को समझने की कोशिश की गई है, जिसके चलते अब उनकी आवाज ज्यादा मजबूती से सामने आ रही है।

कार्यक्रम में निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग भी उठाई गई। डॉ. संजय निषाद ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर प्रदेश भर में चार बड़ी रैलियां की जाएंगी और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा ताकि समाज को उसका हक मिल सके। कार्यक्रम के दौरान मंच से कई अन्य वक्ताओं ने भी ये कहा कि निषाद समाज को अपने अधिकारों के लिए खुद आगे आना होगा। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश भर में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के लोगों को संगठित किया जा सके और उनकी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया जा सके।

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