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चैत्र नवरात्र का छठा दिन…मां कात्यायनी की आराधना में डूबा माई बगिया मंदिर

गोरखपुर के प्राचीन स्थल पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, शहद के भोग के साथ विवाह बाधा दूर होने की जुड़ी है मान्यता

हरेंद्र धर दुबे

गोरखपुर, 24 मार्च 2026:

चैत्र नवरात्रि के छठे दिन गोरखपुर के माई बगिया स्थित प्राचीन मंदिर में मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा की गई। शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। जो लगातार बढ़ती जा रही है।

माई बगिया मंदिर परिसर में सुबह से पूरे दिनभर पूजा, आरती और भजन का सिलसिला चलता रहेगा। श्रद्धालु पीले या नारंगी रंग के कपड़े पहनकर पूजा करते नजर आए । मंदिर में मां को शहद का भोग लगाया गया। भक्तों का कहना है कि मां कात्यायनी की पूजा से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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धार्मिक मान्यता के मुताबिक मां दुर्गा के छठे स्वरूप कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन की तपस्या से हुआ था। देवी ने उनके घर पुत्री रूप में अवतार लिया, इसी वजह से उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी का स्वरूप तेजस्वी माना जाता है। उनका रंग सोने जैसा बताया गया है और वह सिंह पर सवार रहती हैं। चार भुजाओं वाली देवी साहस और विजय का प्रतीक मानी जाती हैं। पुराणों में वर्णन है कि देवी कात्यायनी ने ही राक्षस महिषासुर का वध कर देवताओं को राहत दिलाई थी।

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