न्यूज डेस्क, 28 मार्च 2026:
नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। नए प्रधानमंत्री बालेन शाह के पद संभालते ही शनिवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पिछले साल हुए जेन-जी प्रोटेस्ट मामले में जांच आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ने केपी शर्मा ओली को भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया जबकि रमेश लेखक को सुबह करीब 5 बजे सूर्यविनायक से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों नेताओं को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें आर्म्ड पुलिस फोर्स की महाराजगंज स्थित बटालियन नंबर-2 में शिफ्ट किए जाने की तैयारी है।
मालूम हो कि रैपर से राजनेता बने बालेन शाह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। युवाओं के नेतृत्व में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए चुनाव में उन्हें ऐतिहासिक जीत मिली और उन्होंने ओली को भारी अंतर से पराजित किया।
पिछले साल हुए जेन-जी प्रोटेस्ट के दौरान देशभर में व्यापक हिंसा हुई थी। इसमें दर्जनों लोगों की जान गई और अरबों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस मामले की जांच पूर्व जज गौरी बहादुर कार्की की अगुआई में गठित आयोग ने की थी। आयोग की रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया कि प्रदर्शन के दौरान हालात संभालने में गंभीर लापरवाही बरती गई।
रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को पहले से खुफिया चेतावनी मिली थी लेकिन समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए जिससे हालात बेकाबू हो गए। आयोग ने संबंधित नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके तहत अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया गया जिसके तुरंत बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की। गिरफ्तारी के दौरान काठमांडू में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी तक दोनों नेताओं पर औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं लेकिन कानूनी प्रक्रिया जारी है। नेपाल की सियासत में इस घटनाक्रम ने हलचल तेज कर दी है।






