न्यूज डेस्क, 29 मार्च 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह आकाशवाणी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश और दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और युद्ध की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि मार्च का महीना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी हलचल भरा रहा है। दुनिया अभी भी कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है।
पीएम ने कहा कि जिन क्षेत्रों में इस समय युद्ध जारी है वे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता और कीमतों को लेकर पूरी दुनिया में दबाव बना हुआ है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि भारत ने पिछले एक दशक में अपनी कूटनीतिक ताकत और वैश्विक संबंधों को मजबूत किया है। इसके चलते देश इन परिस्थितियों का मजबूती से सामना कर रहा है।
पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह समय एकजुटता का है न कि राजनीति का। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करना देशहित के खिलाफ है। उन्होंने अफवाहों को लेकर भी कड़ी चेतावनी दी और लोगों से कहा कि वे किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी के बहकावे में न आएं। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पड़ोसी क्षेत्रों में एक महीने से जारी युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों के परिजनों को लेकर देश में चिंता का माहौल है। इस दौरान उन्होंने खाड़ी देशों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने वहां रह रहे एक करोड़ से अधिक भारतीयों को हर संभव सहयोग और सुरक्षा प्रदान की है।
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के दौर को याद करते हुए कहा कि दुनिया ने लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना किया और उम्मीद थी कि अब वैश्विक स्तर पर स्थिरता लौटेगी। इसके विपरीत विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष और युद्ध की स्थितियां बनती चली गईं जिससे नई चुनौतियां सामने आ गई हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि जिस तरह देश ने पहले भी सामूहिक प्रयासों से बड़े संकटों को पार किया उसी तरह इस बार भी 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता और संकल्प से देश इस कठिन दौर से मजबूती के साथ बाहर निकलेगा।





