लखनऊ, 29 मार्च 2026:
उत्तर प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं खरीद सोमवार 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। सरकार ने इस बार 50 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया है। खरीद शुरू होने से पहले ही 2.24 लाख से ज्यादा किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
प्रदेश में 6500 क्रय केंद्रों के जरिए खरीद की व्यवस्था की जा रही है। इनमें से अब तक 3574 केंद्र स्थापित हो चुके हैं। इन केंद्रों का संचालन खाद्य विभाग की विपणन शाखा समेत कुल 8 एजेंसियां करेंगी। सभी केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 28 मार्च दोपहर तक 2,24,676 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
प्रशासन को साफ निर्देश दिए गए हैं कि खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। मौसम को देखते हुए छाया, पानी और बैठने जैसी जरूरी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 160 रुपये ज्यादा है। इसके अलावा किसानों को उतराई, छनाई और सफाई के लिए 20 रुपये प्रति कुंतल अलग से दिए जाएंगे।
खाद्य और रसद विभाग ने पहले 30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया। किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए किया जाएगा। निर्देश है कि खरीद के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान कर दिया जाए। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके।
जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं कराया है, वे fcs.up.gov.in वेबसाइट या UP Kisan Mitra मोबाइल ऐप के जरिए आवेदन कर सकते हैं। बिना पंजीकरण के गेहूं बिक्री संभव नहीं होगी। किसी भी समस्या की स्थिति में किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।






