योगेंद्र मलिक
हरिद्वार, 30 मार्च 2026:
चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड परिवहन विभाग ने व्यावसायिक यात्री वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड सिस्टम लागू कर दिया है। इसकी शुरुआत हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय से हुई, जहां परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने इसका शुभारंभ किया।
इस सिस्टम के तहत चारधाम यात्रा में शामिल होने वाले सभी कमर्शियल वाहनों की तकनीकी फिटनेस जांच अनिवार्य कर दी गई है। बिना ग्रीन कार्ड के किसी भी वाहन को यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। मंत्री ने कहा कि ग्रीन कार्ड व्यवस्था का मकसद सिर्फ औपचारिक जांच नहीं है। किसी भी आपात स्थिति में वाहन, ड्राइवर और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी, जिससे राहत और बचाव में आसानी होगी।

वाहन मालिक परिवहन विभाग की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद तय शुल्क जमा करना होगा और फिर नजदीकी परिवहन कार्यालय में वाहन का निरीक्षण कराया जाएगा। जांच में सही पाए जाने पर ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा। इस पहल से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और यात्रियों की सुरक्षा और मजबूत होगी। विभाग तकनीक के सहारे यात्रा को सुचारू बनाने पर जोर दे रहा है।
ग्रीन कार्ड सिस्टम को ऑनलाइन लागू करने में एनआईसी उत्तराखंड के वरिष्ठ निदेशक हिमांशु कुमार और संयुक्त निदेशक रमन पुंडीर की भूमिका अहम रही। कार्यक्रम में अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह, संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा, उप परिवहन आयुक्त सुनील शर्मा और शैलेश तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन देहरादून डॉ. अनीता चमोला मौजूद रहीं। आयोजन में आरटीओ प्रशासन देहरादून संभाग संदीप सैनी, एआरटीओ हरिद्वार निखिल शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा, एआरटीओ रुड़की जितेंद्र चंद और कृष्ण पलारिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






