लखनऊ, 31 मार्च 2026:
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रबी सीजन 2026 की फसलों की खरीद, बीज और उर्वरक की उपलब्धता को लेकर सरकार की प्राथमिकता बताईं। उन्होंने बताया कि इस बार सरकार का मुख्य फोकस गेहूं, चना, मसूर और सरसों पर है और किसानों को तेज भुगतान और सुविधाजनक खरीद प्रक्रिया मिलने पर है।
किसान के खाते में जाएगी रकम
लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में कृषि मंत्री ने कहा कि इस वर्ष गेहूं की खरीद का लक्ष्य 50 लाख टन रखा गया है। प्रदेश भर में 6500 से ज्यादा क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुलेंगे। प्रत्येक क्रय केंद्र पर आधार-सक्षम पीओएस मशीनें लगाई गई हैं, जिससे भुगतान सीधे डीबीटी के माध्यम से किसान के बैंक खाते में 48 घंटे के भीतर हो जाएगा।
माफियाओं पर नजर, खाद की कमी नहीं
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में यूरिया, पोटाश और डीएपी की कोई कमी नहीं होगी और खाद माफियाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। क्रय केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, उतराई और छनाई के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 20 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे।
एमएसपी व खरीद का लक्ष्य
चने का MSP 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपये, सरसों 6200 रुपये और अरहर 8000 रुपये तय किया गया है। खरीद लक्ष्य में चना 2.24 लाख मीट्रिक टन, मसूर 6.77 लाख मीट्रिक टन, सरसों 5.30 लाख मीट्रिक टन और अरहर 1.14 लाख मीट्रिक टन। खरीद प्रक्रिया 2 अप्रैल से 30 जून तक चलेगी।
वास्तविक किसानों को मिलेगा लाभ, बिचौलियों की नहीं चलेगी
कृषि उत्पादक संगठन (FPO/FPC) भी 20 लाख रुपये के टर्नओवर की शर्त पर खरीद में शामिल होंगे। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी क्रय केंद्रों पर वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित की गई है, जिससे बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म हो गया है।
किसान हित में सभी निर्णय लिए गए
बीमा राशि भी इस बार रिकॉर्ड स्तर पर वितरित की जा रही है। 5788 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो 88 प्रतिशत से ज्यादा बजट का हिस्सा है। गत वर्ष की तुलना में इस बार खरीद लक्ष्य और MSP दोनों बढ़ाए गए हैं, ताकि ज्यादा किसान लाभान्वित हों और उनकी फसल का सही मूल्य उन्हें मिले।





