लखनऊ, 24 मार्च 2026:
यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सरकार और भाजपा संगठन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी और उनकी उपेक्षा की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे जिलों में जाकर सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद करें। उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करें।
सीएम योगी ने एक अहम बैठक में सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने, जिला, मंडल और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने और उनकी शिकायतों को सुनने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मौके पर समाधान संभव न हो तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर समस्याओं का निस्तारण कराया जाए।
दरअसल, हाल ही में मुख्यमंत्री ने पार्टी और संघ पदाधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें की थीं। इन बैठकों में कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों के व्यवहार और उनकी बात न सुने जाने को लेकर नाराजगी जताई थी। इसी फीडबैक के बाद अब सरकार ने जमीनी स्तर पर संवाद और समन्वय बढ़ाने की रणनीति बनाई है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को यह भी निर्देशित किया कि वे जिलों में सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों को जनता और कार्यकर्ताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। साथ ही जिला स्तर पर गठित समन्वय समितियों की बैठकों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें जिससे संगठन और सरकार के बीच तालमेल मजबूत हो सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, खासकर खाड़ी देशों में उत्पन्न हालात के मद्देनजर एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष नजर रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि रसोई गैस की किसी भी प्रकार की किल्लत न हो और आम जनता को समय पर सिलेंडर उपलब्ध हो।
खाद की उपलब्धता को लेकर भी मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। कहा कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी मुख्यमंत्री ने गंभीरता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रह जाए और जहां जरूरत हो वहां फॉर्म-6 भरवाने की प्रक्रिया को तेज किया जाए। इससे स्पष्ट है कि चुनाव से पहले सरकार संगठनात्मक मजबूती और जमीनी फीडबैक को प्राथमिकता देते हुए हर मोर्चे पर सक्रिय रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।






