
लखनऊ, 6 अगस्त 2026:
रिश्वतखोरी के मामले में अवर अभियंता (जेई), सुपरवाइजर और एक बिचौलिये की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अवैध निर्माण और भवनों के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में एलडीए की टीम ने अलीगंज क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र संचालित एक अवैध हॉस्टल को सील कर दिया। यह कार्रवाई एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर की गई।
जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह के मुताबिक महंत गोपाल दास व अन्य द्वारा अलीगंज सेक्टर-बी स्थित भूखंड संख्या-1/108 पर करीब 200 वर्गमीटर क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति के भवन बनाकर हॉस्टल संचालित किया जा रहा था। इस मामले में विहित प्राधिकारी न्यायालय से सीलिंग के आदेश मिलने के बाद प्रवर्तन टीम ने हॉस्टल खाली कराकर भवन को सील कर दिया।
हालांकि, इस कार्रवाई के बीच एलडीए की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। शहर के पॉश इलाकों हजरतगंज, नरही, गोखलेमार्ग, लालबाग, डालीबाग व अन्य मोहल्लों में वर्षों से संचालित कथित अवैध हॉस्टलों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इन हॉस्टलों की जानकारी होने के बावजूद एलडीए प्रशासन अनजान बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ अधिकारी अपने सुपरवाइजरों के माध्यम से अवैध हॉस्टलों को संचालन की छूट देते हैं। हालांकि, एलडीए के अधिकारी इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं। ऐसे में अलीगंज की कार्रवाई के बाद निगाहें अब इस बात पर टिक गई हैं कि क्या एलडीए का अभियान पूरे शहर में समान रूप से चलेगा या फिर कार्रवाई केवल चुनिंदा मामलों तक ही सीमित रहेगी।






