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Meta-Modi विवाद : माफी, मीटिंग व वार्निंग के बाद बंद होंगे Facebook, WhatsApp, Insta? समझें पूरा मामला

PM मोदी का वीडियो कुछ घंटे गायब रहने के बाद विवाद गहराया, संसदीय समिति ने Meta से जवाब मांगा, Section 79 के सेफ हार्बर पर उठे सवाल, Joel Kaplan ने दिल्ली में IT मंत्री से मिलकर गलती पर माफी मांगी

न्यूज डेस्क, 6 अगस्त 2026:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 23 जुलाई को Facebook और Instagram पर साझा किया गया एक वीडियो कुछ घंटों तक Facebook पर दिखाई नहीं दिया। वीडियो में मोदी ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर छात्रों को संबोधित किया था। Insta पर वीडियो सामान्य रूप से उपलब्ध रहा, जबकि Facebook पर यह रात करीब 12:30 बजे से सुबह 5 बजे तक हट गया था। बाद में Meta ने वीडियो बहाल करते हुए इसे ऑटोमेटेड मॉडरेशन सिस्टम की तकनीकी गलती बताया।

संसदीय समिति ने जताई सख्त नाराजगी

3 अगस्त को संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति की बैठक में इस मामले को गंभीर माना गया। समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने कहा कि यह या तो सिस्टम की बड़ी नाकामी है या फिर प्रधानमंत्री की छवि प्रभावित करने की कोशिश। उन्होंने Meta की तकनीकी गड़बड़ी वाली सफाई को पर्याप्त नहीं माना।

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समिति ने Meta को तीन दिन के भीतर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और सार्वजनिक माफी देने का अल्टीमेटम दिया। साथ ही चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर IT Act की Section 79 के तहत मिलने वाले Safe Harbour Protection को हटाने की सिफारिश की जा सकती है।

Joel Kaplan ने दिल्ली में मांगी माफी

5 अगस्त को Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर Joel Kaplan दिल्ली पहुंचे। उन्होंने पहले IT सचिव एस. कृष्णन और मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की, फिर इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव से करीब 20 मिनट बातचीत की। बैठक के बाद Kaplan ने कहा कि उन्होंने Meta की ओर से प्रधानमंत्री की पोस्ट प्रतिबंधित होने की गलती पर माफी मांगी है। कंपनी ने दोहराया कि यह किसी व्यक्ति के फैसले से नहीं बल्कि ऑटोमेटेड मॉडरेशन सिस्टम की वजह से हुआ।

कंटेंट मॉडरेशन पर भी उठे सवाल

सरकारी सूत्रों के मुताबिक बैठक में Meta ने यह भी माना कि प्लेटफॉर्म पर कुछ तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने में बड़ी रकम खर्च हुई और कुछ गैरकानूनी कंटेंट भी प्रमोट हुआ। सरकार ने साफ किया कि अगर कोई प्लेटफॉर्म खुद कंटेंट चुनने और उसकी पहुंच तय करने में सक्रिय भूमिका निभाता है तो उसके इंटरमीडियरी स्टेटस पर सवाल उठ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार Meta को आगे भी स्पष्टीकरण के लिए बुलाया जा सकता है।

Zuckerberg की माफी पर क्या जानकारी है

Meta की ओर से जारी लिखित बयान में Joel Kaplan ने माफी मांगने की बात कही। वहीं सरकारी सूत्रों का दावा है कि यह माफी Meta के CEO Mark Zuckerberg की तरफ से Kaplan के जरिए पहुंचाई गई थी। हालांकि Meta ने इस दावे की अलग से पुष्टि नहीं की है।
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सूत्रों के अनुसार माफी केवल प्रधानमंत्री के वीडियो तक सीमित नहीं थी, बल्कि Child Sexual Abuse Material (CSAM), Deepfake कंटेंट और प्लेटफॉर्म की तकनीकी कमियों का भी जिक्र किया गया। इसी मामले में NCPCR और NHRC भी अलग-अलग स्तर पर जांच कर रहे हैं।

पहले भी कई मामलों में घिर चुका है Meta

हाल के महीनों में Meta के तीनों बड़े प्लेटफॉर्म अलग-अलग कारणों से सरकार की जांच के दायरे में आए हैं। जून के आखिर में WhatsApp के Username फीचर पर IT मंत्रालय ने रोक लगा दी थी। मंत्रालय का कहना था कि बिना पहचान सत्यापन के प्रधानमंत्री, सरकारी एजेंसियों या अन्य चर्चित नामों से यूजरनेम बनाए जा सकते थे, जिससे ऑनलाइन ठगी का खतरा बढ़ सकता था।

जुलाई की शुरुआत में Instagram को Child Sexual Exploitative and Abuse Material से जुड़े विज्ञापनों के मामले में नोटिस भेजा गया था। इससे पहले जनवरी 2025 में भी Mark Zuckerberg के एक बयान को लेकर Meta इंडिया को सफाई देनी पड़ी थी।

क्या Facebook, Instagram और WhatsApp बंद हो सकते हैं?

फिलहाल सरकार या संसदीय समिति की ओर से Meta के किसी भी प्लेटफॉर्म पर सीधे प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कही गई है। मौजूदा विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा Section 79 के तहत मिलने वाला Safe Harbour Protection है। अगर यह सुरक्षा खत्म होती है तो Meta को यूजर्स के पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए भी कानूनी जिम्मेदारी का सामना करना पड़ सकता है। यानी अभी चर्चा बैन की नहीं, बल्कि कंपनी की कानूनी जवाबदेही बढ़ाने की है। आने वाले दिनों में सरकार और Meta के बीच होने वाली आगे की बैठकों पर इस पूरे मामले की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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