बिजनेस डेस्क, 1 अप्रैल 2026:
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को अच्छी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। इससे निवेशकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के जल्द समाप्त होने की उम्मीदों ने बाजार को मजबूती दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,899.53 अंकों की बड़ी छलांग लगाकर 73,847.08 के स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी भी 572.55 अंक उछलकर 22,903.95 पर पहुंच गया।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक बाजारों में सुधार और भू-राजनीतिक तनाव में संभावित कमी है। मौजूदा संघर्ष अगले तीन हफ्तों में खत्म होने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी संकट को खत्म करने की इच्छा जताई। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।
एशियाई बाजारों में भी इसी रुझान का असर देखने को मिला और अधिकांश प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा जहां निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की सक्रियता और बेहतर वैश्विक संकेतों ने बाजार की तेजी को और बल दिया।
हालांकि, इस सकारात्मक माहौल के बीच कुछ चिंताएं भी बनी हुई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी 103 डॉलर के आसपास बना हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता सप्लाई पर दबाव बना रही है।
इसके अलावा अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। यूरोप में महंगाई बढ़ने से सरकारों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख भी अपनाए हुए हैं। बाजार में फिलहाल सकारात्मक रुख बना हुआ है लेकिन आगे की दिशा वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।






