लखनऊ, 1 अप्रैल 2026:
यूजीसी के नए नियमों को लेकर शुरू हुआ विरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। बुधवार को राजधानी लखनऊ में सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शंख बजाकर और नारेबाजी के जरिए अपने विरोध को मुखर किया। उन्होंने इन नियमों को काला कानून बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला, जब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुद आवास से बाहर आए और हाथ जोड़कर प्रदर्शनकारियों का अभिवादन किया। उनके इस व्यवहार के जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी उन्हें प्रणाम किया। इससे माहौल कुछ नरम पड़ गया। इसके बाद डिप्टी सीएम ने सभी प्रदर्शनकारियों को अंदर बुलाकर बातचीत की और उनकी आपत्तियों को विस्तार से सुना।

बातचीत में मोर्चा के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर यूजीसी के नए नियमों को लाने की जरूरत क्यों पड़ी। इस पर डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं सामान्य वर्ग से आते हैं। किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी।
बैठक के बाद सवर्ण मोर्चा के संदीप सिंह और अभिनव नाथ त्रिपाठी ने बताया कि करीब 50 से अधिक लोग डिप्टी सीएम से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में सवर्ण समाज को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई फर्जी मुकदमा दर्ज हो जाता है तो इससे सवर्ण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।

मोर्चा ने साफ किया कि जब तक यह काला कानून पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। वहीं, डिप्टी सीएम के आश्वासन के बाद फिलहाल यह प्रदर्शन शांत हो गया लेकिन इस मुद्दे पर आगे भी सियासी और सामाजिक हलचल जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।






