लखनऊ, 1 अप्रैल 2026:
यूपी में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार की पहल अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी तलाशने वाले युवा तैयार करना नहीं अपितु उन्हें उद्यमी बनाकर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाना है। इस विजन को लखीमपुर खीरी के सिविल लाइन्स निवासी उमंग शुक्ला ने साकार किया है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर उमंग ने अपनी आयल मिल स्थापित की और आज वे खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र के माध्यम से उन्हें 25 लाख रुपये का ऋण मिला। इसने उनके सपनों को हकीकत में बदलने का रास्ता खोल दिया।
इस आर्थिक सहायता से उमंग ने सरसों के तेल का व्यवसाय शुरू किया। वर्तमान में उनकी आयल मिल में प्रतिदिन 10 से 15 क्विंटल सरसों की पेराई की जाती है। उनके द्वारा उत्पादित सरसों तेल स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी बेचा जा रहा है। इस व्यवसाय से उन्हें हर महीने करीब 500 से 600 लीटर तेल की बिक्री होती है। इससे लागत निकालने के बाद लगभग 70 हजार रुपये की शुद्ध आय हो रही है।
उमंग का यह उद्यम व्यक्तिगत सफलता की कहानी के साथ सामाजिक बदलाव का उदाहरण भी है। उनके उद्योग में वर्तमान में 5 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरी है।
इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम 25 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक का ऋण आसान शर्तों पर उपलब्ध कराया जाता है। यह राशि प्लांट, मशीनरी, कच्चे माल और कार्यशील पूंजी जैसे खर्चों में उपयोग की जा सकती है। सरकार की यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई गति दे रही है।






