लखनऊ, 2 अप्रैल 2026:
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्राधिकरण अपनी सभी आवंटित आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराएगा। इस प्रक्रिया के तहत डोर-टू-डोर सर्वे के जरिए संपत्तियों के स्वामित्व की पुष्टि की जाएगी और रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा।
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से संपत्ति फाइलों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। हालांकि कई संपत्तियों के रिकॉर्ड अधूरे या उपलब्ध नहीं होने से प्राधिकरण के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही आवंटियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब स्थलीय निरीक्षण के जरिए वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
इस कार्य के लिए पीसीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। संस्था के कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। सर्वे टीम के सभी सदस्यों को एलडीए की ओर से अधिकृत आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे। उन्हें वे हर आवंटी को दिखाएंगे जिससे किसी प्रकार की शंका न रहे।
सर्वे के दौरान कर्मचारियों द्वारा मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और स्वामी या निवासी का पहचान पत्र जैसे जरूरी विवरण लिए जाएंगे। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सभी अधिशासी अभियंताओं को अपने-अपने जोन में व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लोगों से कहा है कि वे सर्वे टीम का सहयोग करें जिससे सही रिकॉर्ड तैयार हो सके और डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से भविष्य में नागरिक सेवाएं और अधिक बेहतर होंगी तथा लोगों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।






