लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारियों द्वारा किये गए प्रदर्शन का संज्ञान सरकार ने लिया है। कर्मचारी ने कम वेतन और सुविधाएं न मिलने का आरोप लगाकर सड़क पर उतर आए थे। अब इस पूरे मामले में यूपीडेस्को ने संबंधित कंपनी वी विन प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
बता दें कि गुरुवार को गोमतीनगर स्थित साइबर टॉवर के बाहर बड़ी संख्या में 1076 के कर्मचारी जुटे और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारी लोहिया पथ से आगे बढ़े, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। जब भीड़ नहीं मानी तो संगीत नाटक अकादमी के पास बैरिकेडिंग कर दी गई और कई कर्मचारियों को जबरन बसों में बैठाकर हटाया गया।
कर्मचारियों का आरोप था कि भर्ती के समय 15 हजार रुपये महीने का वादा किया गया था, साथ ही हर छह महीने में बढ़ोतरी की बात कही गई थी। लेकिन हकीकत में उन्हें सिर्फ 7 से 8 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने दो-दो महीने तक वेतन रोके जाने का भी आरोप लगाया। उनका यह भी कहना है कि काम के दौरान कई तरह की पाबंदियां और दबाव झेलना पड़ता है। करीब एक घंटे की बातचीत के बाद प्रशासन ने पांच कर्मचारियों को मुख्यमंत्री से मिलाने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
अब इस मामले को गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेस्को) ने कंपनी को नोटिस भेजा है। यूपीडेस्को के प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया है कि हेल्पलाइन जैसी अहम सेवा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कंपनी से पूरे मामले पर जवाब मांगा गया है और निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों को तय वेतन और सभी सुविधाएं तुरंत दी जाएं।
नोटिस में चेतावनी भी दी गई है कि जांच में गड़बड़ी सामने आने पर एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन 1076 पर प्रदेशभर से लोगों की शिकायतें दर्ज होती हैं और उनके निस्तारण की नियमित समीक्षा भी की जाती है।






