लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:
हिंदी रंगमंच दिवस के मौके पर राजधानी लखनऊ में पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को भारतेन्दु नाट्य अकादमी पहुंचकर वहां चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों और कलाकारों से बातचीत कर संस्थान की विरासत को नई ऊर्जा देने का संदेश दिया।
मंत्री ने अकादमी के ऑडिटोरियम और क्लासरूम में चल रहे फिनिशिंग कार्यों की बारीकी से जांच की और रंगमंडल की प्रस्तुतियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी काम तय समय में और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस नवीनीकृत भवन का लोकार्पण करेंगे।

अकादमी के अध्यक्ष रतिशंकर त्रिपाठी ने मंत्री के सामने छात्रों के लिए छात्रावास की व्यवस्था, शिक्षकों की नियुक्ति और कर्मचारियों की ग्रेच्युटी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे रखे। मंत्री ने इन प्रस्तावों पर ध्यान देने का भरोसा दिया और कहा कि सरकार कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थानों को मजबूत करने में गंभीर है। इस मौके पर संस्कृति विभाग के विशेष सचिव संजय सिंह और अकादमी के निदेशक विपिन कुमार भी मौजूद रहे।
जयवीर सिंह ने कहा कि अकादमी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बहुत समृद्ध रही है और यहां से कई बड़े कलाकार उभरे हैं। पुराने और जर्जर भवन को अब एक आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ये संस्थान हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने और नई पीढ़ी को सीखने का मौका देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

हिंदी रंगमंच दिवस हर साल 3 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन 1868 में बनारस में शीतला प्रसाद त्रिपाठी के पहले हिंदी नाटक ‘जानकी मंगल’ के सफल मंचन की याद में मनाया जाता है, जिसमें भारतेंदु हरिश्चंद्र ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी। भारतेन्दु नाट्य अकादमी की स्थापना अगस्त 1975 में हुई थी और 5 अप्रैल 1976 से नियमित प्रशिक्षण शुरू हुआ। आज यह संस्थान अभिनय, स्वर, मंच सज्जा, वेशभूषा, प्रकाश व्यवस्था और निर्देशन जैसे क्षेत्रों में छात्रों को प्रशिक्षण देकर रंगमंच को नई दिशा दे रहा है।






