लखनऊ, 4 अप्रैल 2026:
यूपी को वर्ष 2047 तक एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकसित यूपी@2047 विजन के तहत शहरी विकास का व्यापक रोडमैप तैयार कराया है। इस रोडमैप का उद्देश्य प्रदेश के शहरों को अत्याधुनिक, डिजिटल, सुगम और विश्वस्तरीय बनाना है जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके और अर्थव्यवस्था को नई गति मिले।
सरकार की योजना के अनुसार प्रदेश की राजधानी लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देंगे।
शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए मल्टी-माडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसमें मेट्रो, रैपिड रेल, इलेक्ट्रिक बसें और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन शामिल होंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक बढ़ाई जाए, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आए। लिवेबल सिटीज मिशन के तहत नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाएं घर से 15 मिनट की दूरी पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे समय की बचत के साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
शहरी प्रशासन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जीआईएस आधारित संपत्ति मानचित्रण और कर प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से शहरों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। सभी शहरी निकायों में 100 प्रतिशत डिजिटल सेवाएं लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यावरण संरक्षण के तहत स्पंज सिटी पहल को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें वर्षा जल संचयन, जलाशयों का पुनरुद्धार और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र का संरक्षण शामिल है। इसके अलावा, अपशिष्ट-से-ऊर्जा संयंत्रों के जरिए शून्य-लैंडफिल शहर बनाने की दिशा में भी काम होगा।
समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए आवास योजनाओं को गति दी जाएगी। इस समग्र रणनीति के माध्यम से उत्तर प्रदेश के शहरों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित कर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।






