लखनऊ, 6 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को नगर निगम मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं और पार्षदों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाउस टैक्स और सीवर टैक्स में कथित मनमानी बढ़ोतरी तथा बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का घेराव किया और परिसर में जमीन पर बैठकर नारेबाजी की।
लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा अपने समर्थकों और पार्षदों के साथ नगर निगम पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पानी, सड़क और साफ-सफाई की गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं लेकिन नगर निगम प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर लोगों को पीने का साफ पानी तक नहीं मिल रहा तो दूसरी ओर टैक्स में बढ़ोतरी कर दी गई है।

विधायक मेहरोत्रा ने कहा कि नगर निगम केवल टैक्स वसूलने में रुचि दिखा रहा है जबकि जनता को बुनियादी सुविधाएं देने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नगर आयुक्त इस मामले का संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई नहीं करते तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत में स्मार्ट टैक्स लगाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल पार्षदों ने भी अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा पार्षदों को फंड नहीं दिया जा रहा है,श जिससे उनके वार्डों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जब भी फंड की मांग की जाती है तो केवल आश्वासन दिया जाता है.लेकिन वास्तविकता में कोई धनराशि उपलब्ध नहीं कराई जाती।
पार्षदों ने बताया कि कई इलाकों में नालियां जाम हैं। सीवर चैंबर भरे हुए हैं और सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। इसके अलावा जो पानी सप्लाई हो रहा है वह भी गंदा है और पीने योग्य नहीं है। उनका कहना है कि यदि पार्षद निधि उपलब्ध कराई जाए तो वे अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कर सकते हैं।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है और विपक्षी पार्षदों के क्षेत्रों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने ऐलान किया कि जनता की समस्याओं को लेकर यह लड़ाई सड़क से लेकर विधानसभा तक जारी रहेगी।






