एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 6 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के निगोहां क्षेत्र के पान किसानों की समस्याएं अब जनभवन (पूर्व में राजभवन) तक पहुंच गई हैं। राष्ट्रीय पान किसान यूनियन के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलकर पान की खेती से जुड़ी जमीनी समस्याओं को उनके सामने रखा।
प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव धीरज चौरसियि, प्रदेश महासचिव बेचालाल चौरसिया, उन्नाव के जिलाध्यक्ष मुन्नीलाल चौरसिया, रोशनी चौरसिया, सेवानिवृत्त उपायुक्त सहकारिता राम सागर चौरसिया, ग्राम प्रधान कैलाश चौरसिया, किसान राजकुमार और विजय चौरसिया भी मौजूद रहे।
किसानों ने राज्यपाल को बताया कि निगोहां क्षेत्र में पान की खेती बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है लेकिन वर्तमान समय में यह खेती कई चुनौतियों से जूझ रही है। बढ़ती उत्पादन लागत, बाजार में उचित मूल्य का अभाव, मौसम की मार और सरकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाने से किसान आर्थिक संकट में फंसे हुए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए पान को संरक्षित फसल घोषित करने, किसानों के लिए विशेष आर्थिक सहायता पैकेज, फसल बीमा योजना लागू करने और मजबूत विपणन व्यवस्था विकसित करने की मांग की। किसानों ने यह भी आग्रह किया कि राज्यपाल स्वयं निगोहां क्षेत्र का दौरा कर पान बरेजों की स्थिति का जायजा लें।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर किसानों ने राज्यपाल को पान की बेल और पौधे भेंट किए, जिन्हें उन्होंने अपने हर्बल गार्डन में रोपित कराया। किसानों को उम्मीद है कि इस पहल के बाद उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे जिससे पान की खेती को नया जीवन मिल सकेगा।






