न्यूज डेस्क, 7 अप्रैल 2026:
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष थमने की बजाय और तेज होता जा रहा है। हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि फिलहाल किसी भी पक्ष के झुकने की संभावना नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े अल्टीमेटम और इजराइल की सैन्य चेतावनियों ने पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता बढ़ा दी है।
मंगलवार को अमेरिका-इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमले करते हुए खोर्रमाबाद हवाई अड्डे को निशाना बनाया। इसके साथ ही इजराइल ने ईरान के नागरिकों के लिए अभूतपूर्व चेतावनी जारी की है। फारसी भाषा में जारी संदेश में कहा गया है कि अगले 12 घंटे तक ट्रेन से यात्रा न करें और रेलवे लाइनों से दूर रहें क्योंकि इन ठिकानों पर हमले की आशंका है। इजराइली सेना ने स्पष्ट कहा कि रेलवे के आसपास मौजूदगी लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है।

इस बीच ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि यदि तय समय तक समझौता नहीं हुआ तो एक ही रात में ईरान को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए मंगलवार रात 8 बजे (वॉशिंगटन समय) तक की डेडलाइन दी है। यह भारत में बुधवार सुबह 5:30 बजे तक है।
हालांकि, ईरान ने किसी भी अस्थायी युद्धविराम से इनकार करते हुए साफ कर दिया है कि वह केवल स्थायी समाधान चाहता है। इसमें उस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाना शामिल हो। ईरान का कहना है कि हमले जारी रहने तक बातचीत का कोई मतलब नहीं है।
इजराइल की रेलवे को लेकर चेतावनी के बाद ईरान में अफरातफरी की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले भी ऐसी चेतावनियां वास्तविक हमलों में बदल चुकी हैं। इससे लोग इस बार अधिक सतर्क हैं। उधर, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगद्दम ने संकेत दिए हैं कि कूटनीतिक प्रयास निर्णायक मोड़ पर हैं। खाड़ी के कई देशों के सीधे शामिल होने के बीच पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव और गहराता जा रहा है।






