Lucknow City

पैतृक संपत्ति हड़पने का आरोप…बलिया की महिला ने दी सीएम आवास पर आत्मदाह की धमकी

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निराश्रित महिला ने रिश्तेदारों पर लगाए गंभीर आरोप, राष्ट्रपति, पीएम व सीएम दफ्तर तक पहुंचा मामला, फिर भी स्थानीय प्रशासन द्वारा अनसुनी करने का दावा

लखनऊ, 8 अप्रैल 2026:

राजधानी स्थित यूपी प्रेस क्लब में बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलिया की रहने वाली कंचन लता पाण्डेय ने अपने ही रिश्तेदारों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन और मकान हड़पने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है। अगर एक माह के भीतर मामले का समाधान नहीं हुआ तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने को मजबूर होंगी।

वर्तमान में सोनभद्र के अनपरा में रहने वाली कंचन लता मूल रूप से बलिया जिले के फेफना क्षेत्र की रहने वालीं हैं। लखनऊ प्रेस क्लब में मीडिया से मुखातिब होकर उन्होंने बताया कि उनके माता व पिता का देहांत हो चुका है। इसके अलावा अन्य कोई भाई बहन नहीं है। उनके पति की 2017 में मृत्यु हो चुकी है और उनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है।

प्रेस वार्ता में उन्होंने दावा किया कि उनके चचेरे भाई रामप्रवेश पाण्डेय और उनके परिवार के लोगों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज बनवाकर बलिया स्थित पैतृक संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की। उनके अनुसार, कुछ लोगों के नाम शैक्षणिक अभिलेख, परिवार रजिस्टर, वोटर लिस्ट, आधार और अन्य दस्तावेजों में उनके माता-पिता की संतान के रूप में दर्ज करा दिए गए।

उन्होंने बताया कि इस मामले में पहले भी जांच हुई थी और राजस्व विभाग की रिपोर्ट में उनके पक्ष को सही माना गया था। इसके बावजूद बाद में नामांतरण कर दिया गया, जिसे वह बैकडेट में किया गया फैसला बता रही हैं। परिवार रजिस्टर में संशोधन के लिए ग्राम सभा में प्रस्ताव भी पास हुआ, जिसमें उन्हें ही एकमात्र संतान माना गया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने कुछ नाम हटाने के आदेश भी दिए, लेकिन बाद में फिर से रिकॉर्ड में बदलाव कर दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुकी है और बलिया प्रशासन को निर्देश भी दिए गए, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अधिकारी या तो फाइल लंबित रखते हैं या मामले को कोर्ट में लंबित बताकर टाल देते हैं।

READ MORE 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button