राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 10 अप्रैल 2026:
उत्तराखंड में पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘श्रमिक सेवा’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। उन्होंने कहा कि अब स्थानीय श्रमिकों को उनकी जरूरत के मुताबिक हुनर सिखाया जाएगा, ताकि उन्हें अपने ही इलाके में काम मिल सके। इस मौके पर 8005 निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 17.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे कामों में खास ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएं। ट्रेनिंग के बाद श्रमिकों को विदेश में नौकरी दिलाने की भी तैयारी है। इसके लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में रजिस्टर्ड एजेंसियों की मदद ली जाएगी।

योग और वेलनेस सेक्टर में बढ़ती मांग को देखते हुए श्रमिकों के बच्चों को अगले सत्र से मुफ्त ट्रेनिंग देने की बात भी कही गई है। साथ ही श्रमिकों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ने और काम के दौरान ही उनका नियमित हेल्थ चेकअप कराने पर जोर दिया गया है।
श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने बताया कि UKLCCMS पोर्टल पर अब तक 16 हजार संस्थानों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे करीब 80 लाख रुपये फीस के रूप में जमा हुए हैं। बोर्ड के पास 324 करोड़ रुपये का सेस फंड है, जिसका इस्तेमाल श्रमिकों के कल्याण में किया जा रहा है।
आने वाले समय में सामग्री वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए लाइव फोटो और जियो टैगिंग जैसी व्यवस्था लागू की जाएगी। कार्यक्रम में उपायुक्त विपिन कुमार समेत बोर्ड के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






