Lucknow City

NIC 2026 में जुटे देश भर के हृदय रोग विशेषज्ञ, सीएम ने कहा…जीवन शैली बदलें, बचाव-उपचार दोनों पर दें ध्यान

अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुआ आयोजन, सीएम ने खानपान से लेकर मोबाइल की आदत पर उठाये सवाल, डॉक्टरों से भी की लोगों को जागरूक करने की अपील

लखनऊ, 10 अप्रैल 2026:

राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ में कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित NIC-2026 कार्यक्रम में देश के नामचीन ह्रदय रोग विशेषज्ञ जुटे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की बदलती आदतों और खानपान को लेकर गंभीर चिंता जताई।

सीएम ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती मिलावटी खानपान और बिगड़ी दिनचर्या है। तेजी से बदल रही जीवनशैली के कारण ऐसी बीमारियां बढ़ रही हैं जो धीरे धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं। बदलती जीवनशैली से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए संतुलित दिनचर्या, पौष्टिक आहार और समयबद्ध जीवनशैली अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘बचाव’ और ‘उपचार’- दोनों पर समान रूप से ध्यान देना समय की आवश्यकता है, ताकि समाज स्वस्थ और सक्षम बन सके।

सीएम ने कहा कि अगर देश को स्वस्थ और कामकाजी बनाए रखना है तो लोगों की दिनचर्या में सुधार लाना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि मिलावटी खाने का खतरा लगातार बढ़ रहा है और बाजार में मिलने वाली चीजों की शुद्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दीपावली से पहले चलाए गए अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि छापेमारी में हजारों क्विंटल मिलावटी खोवा और पनीर पकड़ा गया था, जिससे हालात की गंभीरता समझी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि पहले लोगों की दिनचर्या तय होती थी, समय पर सोना जागना और सादा भोजन लेना आम बात थी। अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। खासकर युवाओं में मोबाइल फोन का इस्तेमाल बहुत ज्यादा बढ़ गया है। एक दिन में छह से आठ घंटे तक मोबाइल पर समय बिताया जा रहा है, जो शरीर पर बुरा असर डाल रहा है और दिल से जुड़ी बीमारियों को बढ़ा रहा है।

सीएम ने डॉक्टरों से कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों को सिर्फ दवा देने से काम नहीं चलेगा। उन्हें यह भी समझाना होगा कि रोजमर्रा की जिंदगी में क्या बदलाव जरूरी हैं। संतुलित भोजन, समय पर सोना जागना, रोजाना व्यायाम और योग जैसी आदतों को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि जागरूकता ही इस समस्या का सबसे असरदार तरीका है। अगर लोग खुद अपनी दिनचर्या सुधार लें और मोबाइल के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से बचें तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

WhatsApp Image 2026-04-10 at 6.14.46 PM

सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि अब गंभीर बीमारियों का इलाज पहले के मुकाबले ज्यादा लोगों तक पहुंच रहा है। आयुष्मान भारत योजना के जरिए गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है। दिल से जुड़ी बड़ी बीमारियों का इलाज अब आम लोगों के लिए भी संभव हो पाया है।

उन्होंने बताया कि पहले इलाज के लिए लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था और खर्च इतना ज्यादा होता था कि पूरा परिवार आर्थिक संकट में आ जाता था। अब सरकारी योजनाओं और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण यह स्थिति धीरे धीरे बदल रही है।

मुख्यमंत्री राहत कोष का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में करीब 1400 करोड़ रुपये इलाज के लिए लोगों को दिए गए। इससे कई परिवारों को मदद मिली। उन्होंने यह भी कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल विश्वविद्यालय प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां से जुड़े सभी मेडिकल कालेज एक व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं, जिससे इलाज और पढ़ाई दोनों में सुधार हुआ है।

कार्यक्रम में देश के अलग अलग हिस्सों से आए हृदय रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी और कई वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद रहे। सम्मेलन में दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों, उनके कारण और बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

READ MORE 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button