लखनऊ, 11 अप्रैल 2026:
यूपी को देश का डीप टेक कैपिटल बनाने की दिशा में योगी सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। सीएम योगी ने एक उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड के विजन के तहत प्रदेश में उभरती तकनीकों के विकास के लिए ठोस, परिणामोन्मुखी और समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन, साइबर सिक्योरिटी और मेड-टेक जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखते हुए इन सेक्टर्स में उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए जिससे नवाचारों का व्यावहारिक उपयोग बढ़े और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन हो सके।
आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने बैठक में प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें बताया गया कि मेड-टेक क्षेत्र में गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिक तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं। यह संस्थान आगामी नवंबर में शुरू होने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजा जा चुका है।
ग्रीन हाइड्रोजन को प्रदेश के ऊर्जा भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्पादन, भंडारण, परीक्षण और सुरक्षा मानकों के साथ-साथ औद्योगिक उपयोग के सभी पहलुओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
आयुर्वेद के क्षेत्र में भी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त क्लिनिकल वैलिडेशन के लिए देश का पहला संस्थागत केंद्र स्थापित करने पर चर्चा हुई।
इससे आयुर्वेदिक औषधियों के वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, शोध और हर्बल संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इससे पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक पहचान मिल सकेगी। ड्रोन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने स्वदेशी निर्माण और अनुसंधान को गति देने के निर्देश दिए। वहीं, क्वांटम टेक्नोलॉजी को भविष्य की परिवर्तनकारी तकनीक बताते हुए इसके लिए संसाधन जुटाने और शोध को प्रोत्साहित करने की बात कही।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर भी सरकार सक्रिय है। आईआईटी कानपुर में विकसित मॉडल के तहत बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जा चुका है जिन्हें वैश्विक पहचान मिल रही है। इसके साथ ही पेटेंट सहायता के जरिए नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। नोएडा में प्रस्तावित यूपी डीप-टेक हब को तकनीकी विकास का केंद्रीय प्लेटफॉर्म बनाते हुए मुख्यमंत्री ने यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
आईआईटी कानपुर में अनुसंधान, नोएडा से विस्तार और तैनाती के मॉडल को लागू कर प्रदेश को तकनीकी नवाचार के मानचित्र पर अग्रणी बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है। साथ ही साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क के माध्यम से डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने पर भी काम जारी है। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को विभागीय समन्वय के साथ तेजी से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। इससे देश में यूपी डीप-टेक विकास का नया केंद्र बन सके।






