नई दिल्ली, 12 अप्रैल 2026:
देश की राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति 2026-2030 का मसौदा जारी कर दिया है। इस ड्राफ्ट नीति के तहत 30 लाख रुपये या उससे कम एक्स-शोरूम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों पर 31 मार्च 2030 तक रोड टैक्स नहीं लगेगा। इसके साथ ही पंजीकरण शुल्क में भी पूरी छूट दी जाएगी। इससे ई-वाहन खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई नीति का उद्देश्य दिल्ली में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना, प्रदूषण कम करना और बेहतर परिवहन तंत्र विकसित करना है। मसौदे के अनुसार 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
नीति में चरणबद्ध तरीके से पारंपरिक ईंधन वाहनों को कम करने की योजना भी शामिल है। प्रस्ताव है कि 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (ई-ऑटो) के नए पंजीकरण की अनुमति होगी। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा।
सब्सिडी की बात करें तो इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर नीति लागू होने के पहले साल में अधिकतम 30,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा के लिए पहले साल 50,000 रुपये तक की छूट का प्रस्ताव है। सभी सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी जाएंगी। इसके लिए शर्त होगी कि खरीदार दिल्ली का निवासी हो और वाहन का पंजीकरण भी दिल्ली में ही कराया जाए।
दिल्ली सरकार ने इस ड्राफ्ट नीति पर 30 दिनों के भीतर जनता से सुझाव भी मांगे हैं। उल्लेखनीय है कि राजधानी में पहली ईवी नीति अगस्त 2020 में लागू की गई थी, जिसे अब नए लक्ष्यों के साथ अपडेट किया जा रहा है।
वहीं, यूपी में भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक छूट दी जा रही है। राज्य में ईवी खरीदने पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% तक की छूट मिल रही है। फोर-व्हीलर पर अधिकतम एक लाख रुपये तक की सब्सिडी, दोपहिया पर 15% (अधिकतम 5000 रुपये) और ई-रिक्शा/थ्री-व्हीलर पर 10,000 से 12,000 रुपये तक की छूट दी जा रही है। यह लाभ फिलहाल 13 अक्टूबर 2027 तक लागू है।
नई नीतियों से साफ है कि दिल्ली और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्य तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में प्रदूषण में कमी और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।






