नोएडा, 13 अप्रैल 2026:
नोएडा के औद्योगिक इलाकों में सोमवार को निजी कंपनियों के कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। वेतन बढ़ाने और कामकाजी हालात सुधारने की मांग को लेकर पिछले तीन दिन से चल रहा धरना सुबह उग्र हो उठा। बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे कर्मचारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की, कई गाड़ियों को आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया।
प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर फेज-2 इलाके में दिखा, जहां सेक्टर-84 और आसपास के हिस्सों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को भी नहीं छोड़ा, एक वाहन को पलट दिया गया जबकि दूसरे में आग लगा दी गई। हालात कुछ समय के लिए पूरी तरह बेकाबू दिखे। हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद कुछ इलाकों में हालात धीरे-धीरे संभलने लगे।

प्रदर्शन की वजह से नोएडा-गाजियाबाद मार्ग, सेक्टर-62, सेक्टर-15 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। ऑफिस जाने वाले लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ा। गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
बताया गया कि फेज-2 स्थित एक बड़ी ऑटो पार्ट्स कंपनी के अस्थायी कर्मचारियों में लंबे समय से नाराजगी थी। उनका आरोप है कि वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई, भुगतान में देरी होती है और नए श्रम नियमों का पालन नहीं हो रहा। बढ़ती महंगाई में मौजूदा सैलरी से गुजारा मुश्किल बताया जा रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, समय पर सैलरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, बोनस का भुगतान और कार्यस्थल पर बेहतर माहौल शामिल हैं। उनका कहना है कि कई आश्वासन पहले भी मिले, मगर जमीन पर बदलाव नहीं दिखा।

प्रशासन का कहना है कि एक दिन पहले ही कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी और कई मांगों पर सहमति बनी थी। जिला प्रशासन के अनुसार ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, समय पर वेतन और बोनस, साप्ताहिक अवकाश जैसे प्रावधान लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की गई थी। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






