Uttar Pradesh

श्रमिक हितों पर सरकार सख्त : अशांति फैलाने वालों पर जीरो टॉलरेंस, दोषियों की पहचान होगी सार्वजनिक

नोयडा प्रकरण के बाद बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को पूरा वेतन, बीमा व सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश, उपद्रवी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई

लखनऊ, 16 अप्रैल 2026:

यूपी में श्रमिकों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों के हितों का किसी भी स्तर पर उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर श्रमिक को सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां, समय पर पूर्ण वेतन और सभी जरूरी सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है। इसमें लापरवाही पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुधवार देर शाम
औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएम ने विशेष रूप से गौतमबुद्धनगर (नोयडा) के हालिया घटनाक्रम पर संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग श्रमिक नहीं हैं लेकिन औद्योगिक अशांति फैलाने या उपद्रव में शामिल हैं उनकी तत्काल पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसे तत्वों को बेनकाब करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक स्थलों पर उनकी तस्वीरें भी लगाई जाएं जिससे आम जनता को सच्चाई का पता चल सके।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को भड़काने वाले संगठनों, अराजकतत्वों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर सतत निगरानी रखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा जिससे किसी भी तरह की अशांति को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।

मैनपावर सप्लाई एजेंसियों में संभावित गड़बड़ियों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने व्यापक जांच के निर्देश दिए। जांच में श्रमिकों की वास्तविक संख्या, कंपनियों से मिलने वाला भुगतान, श्रमिकों को मिलने वाली मजदूरी, ईएसआई, बीमा और अन्य सुविधाओं की स्थिति का गहन परीक्षण किया जाएगा ताकि शोषण पर रोक लगाई जा सके।

इसके अलावा सभी औद्योगिक इकाइयों में प्रभावी ग्रीवांस सेल स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं जहां श्रमिकों की शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान हो। कार्यस्थलों पर बेहतर मेस व्यवस्था विकसित करने और औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री व सस्ते आवास की योजनाएं तैयार करने को भी कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जहां श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में जा रहा है वहां बैंकों के साथ समन्वय कर दुर्घटना और असामयिक मृत्यु की स्थिति में बीमा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

बैठक में बताया गया कि हाल में वेतन वृद्धि के फैसले से श्रमिकों और उद्यमियों दोनों में संतोष है और गौतमबुद्धनगर की स्थिति अब लगभग सामान्य हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़े हुए वेतन का लाभ 1 अप्रैल से सभी श्रमिकों को हर हाल में मिले।

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