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होर्मुज में बारूद की गंध : ईरानी नाकेबंदी से थमा वैश्विक तेल रास्ता, जहाजों पर फायरिंग से बढ़ा तनाव

अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में ईरान का सख्त कदम, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही ठप, ऊर्जा संकट के संकेत तेज

न्यूज डेस्क, 19 अप्रैल 2026:

पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। इसका सीधा असर दुनिया की सबसे अहम समुद्री जीवनरेखा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर साफ दिखाई दे रहा है। ईरान द्वारा इस रणनीतिक जलमार्ग की नाकेबंदी और भारतीय झंडा लगे जहाज पर फायरिंग की घटना ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी एक एजेंसी के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी नौसेना पूरी तरह सक्रिय है। उसने रविवार को दो और तेल टैंकरों को इस मार्ग से गुजरने से रोक दिया। ये टैंकर बोत्सवाना और अंगोला के झंडों के साथ आगे बढ़ रहे थे लेकिन ईरानी बलों की सख्ती के चलते उन्हें रास्ता बदलना पड़ा।

दरअसल ईरान ने अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में शनिवार को एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया था। हालांकि, उसी दिन कुछ जहाज इस मार्ग से गुजरने में सफल हुए लेकिन बाद में हालात तेजी से बदल गए। कई जहाजों ने दावा किया कि उन पर अज्ञात हमले हुए जबकि एक टैंकर ने ईरानी गनबोट्स द्वारा फायरिंग की पुष्टि की।

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सबसे गंभीर घटना तब सामने आई जब शनिवार को भारतीय जहाज पर भी गोलीबारी की गई जिससे उसे रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस घटनाक्रम ने भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। जहाज ट्रैकिंग वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के अनुसार फिलहाल इस समुद्री मार्ग से कोई भी जहाज गुजर नहीं रहा है। खाड़ी क्षेत्र में ओमान और यूएई के तटों के पास कई जहाज लंगर डाले खड़े हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया की करीब 20% तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में इसकी नाकेबंदी ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। कई देशों में ईंधन की कीमतों में उछाल और आपूर्ति संकट के संकेत मिलने लगे हैं। इसके चलते सरकारें ऊर्जा खपत को नियंत्रित करने के उपाय लागू कर रही हैं। होर्मुज में बढ़ता तनाव क्षेत्रीय के साथ वैश्विक संकट का रूप लेता जा रहा है।

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